मध्य प्रदेश पुलिस की सोशल मीडिया नीति में कड़ी कार्रवाई का प्रावधान
मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नए नियमों का उद्देश्य वर्दी में रील बनाने, सरकारी जानकारी को AI प्लेटफॉर्म जैसे ChatGPT पर अपलोड करने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाना है। इन नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें कारण बताओ नोटिस से लेकर निलंबन तक का प्रावधान शामिल है।
सामाजिक मीडिया पर पुलिसकर्मियों के लिए विस्तृत दिशानिर्देश
यह नई गाइडलाइन केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के आधार पर तैयार की गई है, जिसमें सोशल मीडिया पर साझा करने योग्य सामग्री और प्रतिबंधित गतिविधियों का स्पष्ट उल्लेख है। पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया गया है कि ड्यूटी के दौरान या उसके बाद वर्दी में या अशोभनीय वेशभूषा में वीडियो बनाकर इंटरनेट पर पोस्ट न करें। इन गतिविधियों के लिए पुलिस रेगुलेशन एक्ट और सिविल सेवा आचरण संहिता के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
AI टूल्स और निजी सोशल मीडिया अकाउंट पर भी सख्ती
गाइडलाइन में AI टूल्स जैसे ChatGPT का उपयोग कर शासकीय, गोपनीय या संवेदनशील जानकारी अपलोड करने पर भी रोक लगाई गई है। पुलिसकर्मियों को अपने कार्यस्थल, ड्यूटी की प्रकृति और जांच से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करने से पहले सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया है। निजी सोशल मीडिया अकाउंट से सरकारी नीतियों पर राय व्यक्त करने, राजनीतिक या धार्मिक बयान देने से भी मना किया गया है। यदि कोई पुलिसकर्मी अपनी निजी पोस्ट में सरकार का पक्ष दिखाता है, तो विभाग की ओर से स्पष्टीकरण जारी किया जा सकता है, और गंभीर मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई भी संभव है।











