मध्य प्रदेश में 21 वर्षों बाद फिर से शुरू होगी सड़क परिवहन सेवाएं
मध्य प्रदेश सरकार ने लंबे समय के बाद अपनी सार्वजनिक यातायात सेवाओं को पुनः शुरू करने का निर्णय लिया है। 2005 में आर्थिक संकट के कारण बंद हुई राज्य सड़क परिवहन निगम (MPSRTC) की सेवाएं अब 25 सितंबर से फिर से शुरू होंगी। इस नई पहल के तहत, सरकार ने अगले तीन से चार वर्षों में लगभग 15000 अत्याधुनिक बसें चलाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ और नई नीतियों का ऐलान
इंदौर में आयोजित ‘पैसेंजर ट्रांसपोर्ट विजन समिट 2026’ के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस ऐतिहासिक निर्णय की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर से ‘सेवा संकल्प माह’ की शुरुआत की जाएगी, जिसमें 25 सितंबर को ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ का शुभारंभ किया जाएगा। यह सेवा हरित और डिजिटल ट्रांसपोर्टेशन को बढ़ावा देने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करेगी और सभी सेक्टर के हितधारकों का ध्यान रखेगी।
डिजिटल निगरानी, इलेक्ट्रिक बसें और नई रूट योजना
राज्य के परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और परिवहन सचिव मनीष सिंह ने नई परिवहन नीति के मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि निजी ऑपरेटरों के साथ साझेदारी कर सरकार वर्तमान असंतुलित सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बेहतर बनाएगी। यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए सभी बसों में GPS और CCTV जैसी डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 11 हजार यात्री बसें रजिस्टर्ड हैं, जिन्हें अगले कुछ वर्षों में बढ़ाकर 15 हजार किया जाएगा। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक (EV) और CNG बसों को भी बेड़े में शामिल करने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा।









