इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतें और सरकारी जिम्मेदारी
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में हाल ही में दूषित पानी पीने से कई लोगों की जान चली गई है, जबकि सौ से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार हैं। इन बीमारियों का इलाज अस्पतालों में जारी है। इस बीच, शहरी विकास मंत्री और स्थानीय बीजेपी विधायक कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ एक रिपोर्टर के साथ अभद्रता का मामला प्रकाश में आया है। एक निजी टीवी चैनल के पत्रकार ने जब इस पानी से हुई मौतों के बारे में सवाल किया, तो मंत्री ने गुस्से में आकर जवाब देने के बजाय रिपोर्टर को अपशब्द कहे और कहा, ‘फोकट प्रश्न मत पूछो।’
मंत्री का विवादित रवैया और जनता की स्थिति
शहरी विकास मंत्री होने के नाते, पूरे प्रदेश में स्वच्छ और सुरक्षित पानी की आपूर्ति का दायित्व उनके विभाग का है। बावजूद इसके, उनकी अपनी विधानसभा क्षेत्र में जनता को दूषित पानी और उससे जुड़ी मौतों का सामना करना पड़ रहा है। सवाल यह उठता है कि जब मंत्री की विधानसभा में ही नगर निगम जिम्मेदारी से काम नहीं कर रहा है, तो पूरे शहर का क्या हाल होगा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद मंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए खेद व्यक्त किया।
मंत्री का माफी पत्र और प्रभावित क्षेत्र में प्रयास
कैलाश विजयवर्गीय ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “मैं और मेरी टीम पिछले दो दिनों से प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्थिति सुधारने में जुटी हुई है। दूषित पानी से मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ लोग हमारे साथ नहीं रहे। इस गहरे दुख की घड़ी में मीडिया के एक सवाल पर मेरे शब्द गलत निकल गए। इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि जब तक सभी लोग पूरी तरह से सुरक्षित और स्वस्थ नहीं हो जाते, वे शांत नहीं बैठेंगे।











