मध्य प्रदेश में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: अवैध संपत्ति का खुलासा
मध्य प्रदेश (MP) की लोकायुक्त पुलिस ने PWD से रिटायर्ड इंजीनियर-इन-चीफ जी.पी. मेहरा के ठिकानों पर छापेमारी कर उनके खिलाफ अवैध संपत्ति रखने का मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई में उनके फ्लैट, फैक्ट्री, फार्महाउस से करोड़ों रुपये की संपत्ति, सोना, चांदी, 17 टन शहद, कृषि मशीनरी और लग्जरी गाड़ियां जब्त की गई हैं। यह कार्रवाई राज्य में भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।
फैक्ट्री और साझेदारी का खुलासा: पीवीसी पाइप बनाने वाली यूनिट का पता चला
छापेमारी के दौरान भोपाल के गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित जी.पी. मेहरा की फैक्ट्री के.टी. इंडस्ट्रीज की भी तलाशी ली गई। यह फैक्ट्री पीवीसी पाइप का उत्पादन करती है। तलाशी के दौरान फैक्ट्री से उपकरण, कच्चा माल, तैयार माल और स्वामित्व के दस्तावेज जब्त किए गए। लोकायुक्त की रिपोर्ट के अनुसार, यह फैक्ट्री मेहरा के बेटे रोहित और कैलाश नायक के संयुक्त स्वामित्व में है। इससे यह स्पष्ट होता है कि उनके व्यवसायिक संबंध भी जांच के दायरे में हैं।
नर्मदापुरम में मिली बड़ी मात्रा में शहद और संपत्ति का विवरण
नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर तहसील के सैनी गांव में मेहरा की संपत्ति की भी जांच की गई। यहां से 17 टन शहद, छह ट्रैक्टर, महंगी कृषि मशीनरी, 32 निर्माणाधीन और सात पूर्ण कॉटेज, दो मछली फार्म, दो गौशालाएं, दो बड़े तालाब और एक मंदिर बरामद हुआ। इन संपत्तियों के साथ ही कई जमीन और संपत्ति के दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
मेहरा और उनके परिवार के नाम पर रजिस्टर्ड कई लग्जरी गाड़ियां भी मिली हैं, जिनमें फोर्ड एंडेवर, स्कोडा स्लाविया, किया सोनेट और मारुति सियाज जैसी वाहन शामिल हैं। अधिकारियों ने इन संपत्तियों के साथ-साथ फिक्स्ड डिपॉजिट, शेयर और बीमा पॉलिसियों से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच शुरू कर दी है। लोकायुक्त पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या मेहरा का शहद व्यवसाय से कोई संबंध था।











