भारत में चीता पुनर्स्थापना का महत्वपूर्ण कदम
प्रोजेक्ट चीता के अंतर्गत भारत में तीसरी बार बोत्सवाना (Botswana) से चीता लाने की योजना बनाई गई है। इस प्रक्रिया के तहत बोत्सवाना का तीन सदस्यीय दल मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क पहुंचा, जहां उन्होंने पार्क की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान, भारत में लाए जाने वाले आठ चीता के लिए तैयारियों का अवलोकन किया गया और बनाए गए क्वारंटीन बाड़ों का भी जायजा लिया गया। विदेशी टीम ने इन तैयारियों की गुणवत्ता की प्रशंसा की।
बोत्सवाना के विशेषज्ञों का कूनो में निरीक्षण और समीक्षा
बोत्सवाना (Botswana) के पर्यावरण एवं पर्यटन मंत्रालय के अधीन संचालित डिपार्टमेंट ऑफ वाइल्डलाइफ एंड नेशनल पार्क्स के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमम्माडी रूबेन, सुरक्षा अधिकारी एड्रियन खोली और बायोलॉजिस्ट फेमेलो गादिमांग बुधवार को श्योपुर पहुंचे। कूनो पार्क के अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद, इन तीनों अधिकारियों ने पार्क का फील्ड विजिट कर बनाए गए बाड़ों का निरीक्षण किया और चीता के भोजन एवं पानी की व्यवस्था का भी अवलोकन किया। इस दौरान, कूनो के अधिकारियों ने चीता प्रोजेक्ट की प्रगति पर एक प्रस्तुति दी, जिसमें पिछले तीन वर्षों की स्थिति का विवरण प्रस्तुत किया गया।
प्रोजेक्ट की सफलता और आगे की योजना
बोत्सवाना के अधिकारियों ने कहा कि कूनो नेशनल पार्क में चीता पुनर्स्थापना का प्रयास सही दिशा में बढ़ रहा है और यह सफलता की ओर अग्रसर है। इस अवसर पर सीसीएफ उत्तम कुमार थिरुकुराल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। गुरुवार को बोत्सवाना का दल कूनो से रवाना होकर मंदसौर के गांधीसागर अभ्यारण्य पहुंचेगा। ज्ञात हो कि पिछले महीने बोत्सवाना के साथ हुए करार के तहत आठ चीते भारत लाने की योजना है, जो संभवतः जनवरी माह में भारत पहुंचेंगे। इस सिलसिले में, बोत्सवाना का यह दल भारत आया है। प्रोजेक्ट चीता के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि दल ने पार्क की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया है और अब वे मंदसौर के गांधी सागर अभ्यारण्य का दौरा करेंगे।











