बिहार चुनाव में तेजस्वी यादव का विवादित बयान
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान तेजस्वी यादव ने एक बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि यदि बिहार में इंडिया गठबंधन की सरकार बनती है, तो केंद्र सरकार द्वारा पारित वक्फ (संशोधन) कानून को तुरंत ही रद्द कर दिया जाएगा। यह बयान उस समय आया है जब चुनावी माहौल गरमाया हुआ है और राजनीतिक दल अपने-अपने वादों को लेकर जनता के बीच हैं।
तेजस्वी यादव का वक्फ कानून पर कड़ा हमला
कटिहार और किशनगंज जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में रैली को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, “मेरे पिता लालू प्रसाद यादव ने कभी भी सांप्रदायिक ताकतों के साथ समझौता नहीं किया। लेकिन नीतीश कुमार हमेशा ऐसी शक्तियों के साथ रहे हैं, जिसकी वजह से आरएसएस और उसके संगठन नफरत फैलाते हैं। बीजेपी को भारत जलाओ पार्टी कहा जाना चाहिए।” उन्होंने केंद्र सरकार के वक्फ (संशोधन) कानून पर सीधे तौर पर हमला बोला और कहा कि यदि उनकी सरकार बनती है, तो इसे तुरंत ही कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा।
वक्फ कानून और बिहार की राजनीति
अप्रैल में संसद द्वारा पारित वक्फ (संशोधन) कानून 2024 को लेकर विपक्ष और भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष का तर्क है कि यह कानून मुस्लिम समुदाय के धार्मिक और संपत्ति अधिकारों का उल्लंघन करता है। वहीं, भाजपा ने तेजस्वी यादव के इस बयान को लेकर सवाल उठाए हैं कि कैसे कोई मुख्यमंत्री केंद्र के कानून को रद्द कर सकता है। इससे पहले, आरजेडी के एमएलसी मोहम्मद कारी सोहैब ने भी कहा था कि यदि तेजस्वी मुख्यमंत्री बनते हैं, तो वे सभी वक्फ बिल समेत सभी कानूनों को फाड़कर फेंक देंगे।









