जबलपुर में महिला की न्याय की पुकार पर हंगामा
मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर में कलेक्ट्रेट में चल रही जनसुनवाई के दौरान एक अप्रत्याशित घटना ने सबका ध्यान आकर्षित किया। एक महिला और उसकी बेटी, जो पिछले कई महीनों से न्याय की तलाश में पुलिस अधिकारियों के चक्कर काट रही थीं, अचानक अपने दर्द और frustration को व्यक्त करने के लिए कलेक्टर के पैरों में गिर पड़ीं। इस घटना ने वहां मौजूद सभी को चौंका दिया और तुरंत ही प्रशासनिक अधिकारियों को सक्रिय होने का निर्देश दिया गया।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की निष्क्रियता का परिणाम
घटना का मुख्य कारण था कि घमापुर क्षेत्र की पूजा दुबे नामक महिला अपनी बेटी के साथ पड़ोस के कुछ असामाजिक तत्वों से हो रही परेशानियों को लेकर कई बार थाने पहुंच चुकी थीं। आरोप है कि इन लड़कों द्वारा लगातार छेड़छाड़ और धमकियों का सामना कर रही महिला ने शिकायतें दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा, महिला का आरोप है कि भगवती बेन और उनके परिवार के सदस्य घर के पीछे अक्सर विवाद और मारपीट करते हैं, जिससे उसकी और उसकी बेटी की सुरक्षा खतरे में है।
महिला की हिम्मत और प्रशासन का त्वरित कदम
जब महिला की शिकायतें अनसुनी रह गईं और पुलिस की निष्क्रियता से निराश होकर वह कलेक्टर के समक्ष पहुंचीं, तो इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था की कमियों को उजागर कर दिया। कलेक्टर ने तुरंत ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित महिला की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाए। इस घटना ने यह भी दिखाया कि जब जनता अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाती है, तो प्रशासन को भी जागरूक और जिम्मेदार बनना पड़ता है।











