मध्य प्रदेश के बरगी डैम पर क्रूज हादसे का दर्दनाक मंजर
बरगी डैम (Barghi Dam) में हुए इस भीषण क्रूज दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। इस हादसे की सबसे दुखद तस्वीर तब सामने आई जब एक मां और उसके छोटे बच्चे का शव पानी से बाहर निकाला गया, जो एक-दूसरे से चिपका हुआ था। यह दृश्य इतना हृदयविदारक था कि मौके पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। गुरुवार की शाम सामान्य दिनों जैसी ही थी, लेकिन रात होते-होते खबर आई कि इस डैम पर एक क्रूज पलट गया है। घटना की जानकारी मिलते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। बताया गया कि तेज हवाओं और उग्र लहरों के कारण यह हादसा हुआ। कुछ ही मिनटों में पूरा क्रूज पलट गया और उसमें सवार लोग पानी में डूब गए।
रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन और भयावह दृश्य
रात करीब दो बजे जब रेस्क्यू टीमें घटनास्थल पहुंचीं, तो माहौल पूरी तरह बदल चुका था। सामान्यतः शांत रहने वाला यह क्षेत्र उस रात सैकड़ों वाहनों, पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारियों और रेस्क्यू टीमों से भरा हुआ था। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें मौके पर डटी थीं। चारों ओर फ्लड लाइट्स जल रही थीं, लेकिन पानी और अंधकार के कारण रेस्क्यू कार्य बाधित हो रहा था। सुबह के समय पानी की गहराई और अंधकार के कारण ऑपरेशन रोक दिया गया था, लेकिन सुबह की शुरुआत के साथ ही राहत कार्य फिर से शुरू हुआ। डूबे हुए क्रूज का हिस्सा पानी में दिखाई दे रहा था, और कुछ घंटे पहले तक जो लोग यहां घूमने और मस्ती करने आए थे, अब वहां सन्नाटा और डर का माहौल था।
मृतकों की पहचान और हादसे की भयावहता
सुबह होते ही सेना के गोताखोरों ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। सबसे पहले एक शव बाहर निकाला गया, फिर कुछ देर बाद एक महिला का शव मिला। धीरे-धीरे हादसे की भयावहता स्पष्ट होने लगी। इसी दौरान दिल्ली से आए एक व्यक्ति प्रदीप अपनी बेटी के साथ वहां पहुंचा। वह अपने परिवार के साथ जबलपुर (Jabalpur) में एक रिश्तेदार के घर में थे और घूमने के लिए बरगी डैम गए थे। उन्होंने बताया कि शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लोग क्रूज में मस्ती कर रहे थे। लेकिन अचानक तेज हवाओं के चलने और पानी की लहरें उग्र होने लगीं। कुछ ही मिनटों में स्थिति बदल गई। प्रदीप ने बताया कि वह लाइफ जैकेट बांट रहे थे कि तभी क्रूज एक तरफ झुका और तीन मिनट के भीतर पलट गया। हादसे के बाद उनकी पत्नी और चार साल के बेटे का पता नहीं चल पाया। वह अपनी बेटी के साथ बच गए, लेकिन बाकी परिवार के सदस्यों की तलाश में वह मौके पर पहुंचे। जब एक महिला का शव निकाला गया, तो प्रदीप उसे देखकर फूट-फूट कर रो पड़े, लेकिन वह उनकी पत्नी नहीं थी। कुछ देर बाद जब एक और शव बाहर लाया गया, तो माहौल पूरी तरह बदल गया। शव को सीधा किया गया तो वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। वह शव एक महिला का था, जिसके सीने से एक छोटा बच्चा चिपका हुआ था। यह प्रदीप की पत्नी और उनका बेटा था। यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि हर कोई भावुक हो गया। प्रदीप और उसकी बेटी जोर-जोर से रोने लगे। पुलिस, डॉक्टर, अधिकारी और पत्रकार सभी की आंखों में आंसू थे। ऐसा लग रहा था कि मां ने अपने बच्चे को बचाने की आखिरी कोशिश की और अंत में उसे सीने से लगाकर ही दम तोड़ दिया।









