इंदौर में ट्रांसजेंडर समुदाय के बीच विवाद और सुरक्षा संकट
इंदौर में ट्रांसजेंडर समुदाय के दो गुटों के बीच चल रहे संघर्ष ने तनाव को बढ़ा दिया है। खासतौर पर किन्नर अखाड़ा के प्रमुख लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने इस विवाद के कारण समुदाय के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बुधवार को स्थानीय डेरा के सदस्यों की जान को खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। यह संगठन जूना अखाड़े के अंतर्गत आता है और हिंदू धार्मिक परंपराओं का पालन करता है।
फिनाइल पीने की घटना और आरोप-प्रत्यारोप
15 अक्टूबर की रात को नंदलालपुरा डेरा के 24 सदस्यों ने कथित तौर पर आत्महत्या करने के इरादे से फिनाइल पी लिया। अस्पताल पहुंचने पर उनकी जान बच गई, लेकिन इस घटना ने पूरे समुदाय में हड़कंप मचा दिया। आरोप है कि इन सदस्यों ने प्रतिद्वंद्वी ट्रांसजेंडर गुट की नेता सपना हाजी और उसके सहयोगियों द्वारा उत्पीड़न के कारण यह कदम उठाया।
संबंधित खबरें और पुलिस कार्रवाई
इंदौर में हुई इस फिनाइल कांड के बाद पुलिस ने सपना हाजी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके तीन साथी अभी भी फरार हैं। पंढरीनाथ थाना प्रभारी अजय राजौरिया ने बताया कि सपना हाजी के अलावा राजा हाशमी, पंकज जैन और अक्षय कुमाऊं निवासी दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें सक्रिय हैं और इनाम भी घोषित किया गया है।
आगे की कार्रवाई और समुदाय की सुरक्षा
महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि वे जल्द ही इस खतरे की शिकायत पुलिस से करेंगे और नंदलालपुरा डेरा के सदस्यों को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने यह भी बताया कि फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। समुदाय के बीच वर्चस्व और वित्तीय लेन-देन को लेकर चल रहे विवाद ने इस हिंसक घटना को जन्म दिया है, जो समुदाय की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।











