मध्य प्रदेश के इंदौर में गंदे पानी से हुई त्रासदी का खुलासा
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र के मराठी मोहल्ले में उस दर्दनाक घटना का असर अभी भी महसूस किया जा सकता है, जिसने एक पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। यहाँ दूषित पानी की आपूर्ति के कारण छह महीने के एक बच्चे की मौत हो गई है। इस घटना ने पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ा दी है और लोगों में गहरा गुस्सा देखा जा रहा है।
गंदे पानी की समस्या और प्रशासन की लापरवाही
बच्चे के परिवार ने प्रशासन और नगर निगम पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। साहू परिवार का कहना है कि उनके इलाके में लंबे समय से गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई किया जा रहा था। उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभागों में शिकायत भी की, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
बच्चे की मौत और परिवार का दर्द
परिजनों के अनुसार, इसी दूषित पानी के कारण उनके छह महीने के बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। बच्चे को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई, और उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। अस्पताल ले जाने के बावजूद डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके। बच्चे को 10 साल की लंबी मन्नत के बाद ही जन्म हुआ था, और मां का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान उन्हें करीब नौ महीने तक बेड रेस्ट पर रहना पड़ा था।
मां ने बताया कि इलाके में लंबे समय से गंदा पानी आ रहा था, और उन्होंने मजबूरी में बाहर का दूध मिलाकर अपने बच्चे को पिलाया, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी 10 साल की बेटी को भी पेट दर्द की समस्या रहती है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, दूषित पानी पीने से अब तक 149 लोग प्रभावित हो चुके हैं, और उल्टी-दस्त के कारण सात लोगों की मौत हो चुकी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव आज पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे, जिससे इस मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।











