छिंदवाड़ा में जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत: मेडिकल समुदाय का विरोध
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में जहरीली कफ सिरप Coldrif के सेवन से बच्चों की दुखद मौत के मामले में, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने कड़ा विरोध जताया है। इस संगठन ने डॉक्टर प्रवीण सोनी को निलंबित करने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई को गलत ठहराया है। IMA ने कलेक्टर को पत्र लिखकर कहा है कि इस घटना के लिए असली दोषी दवा बनाने वाली कंपनी है, न कि डॉक्टर।
डॉक्टर पर लगी कार्रवाई और कंपनी का पक्ष
शनिवार रात परासिया थाना में डॉ. प्रवीण सोनी और तमिलनाडु की दवा निर्माता कंपनी मेसर्स श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। हालांकि, IMA ने इस कदम का विरोध करते हुए कहा है कि गलती दवा निर्माता कंपनी की है, और डॉक्टर की इसमें कोई गलती नहीं है। संगठन का तर्क है कि इस तरह की घटनाओं के पीछे मुख्य जिम्मेदारी दवा की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया की है।
मामले की वर्तमान स्थिति और मेडिकल समुदाय का समर्थन
मामले में मुख्यमंत्री के निर्देश पर डॉ. सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं 105, 276 और औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 की धारा 27A के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि Coldrif सिरप के सेवन से बच्चों को तेज बुखार, पेशाब में कठिनाई और किडनी पर विपरीत प्रभाव पड़ा, जिससे कुछ बच्चों की मौत हो गई।
वहीं, IMA ने इस घटना के संदर्भ में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से चर्चा की है और गिरफ्तार डॉक्टर को रिहा करने की मांग की है। संगठन का तर्क है कि डॉक्टर प्रवीण सोनी की भूमिका इस मामले में जिम्मेदार नहीं है, बल्कि दवा निर्माता कंपनी ही मुख्य दोषी है। संगठन की एक टीम छिंदवाड़ा जाएगी और स्थानीय अधिकारियों से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेगी।










