ग्वालियर में पुलिस की सख्ती के बीच ड्रंक एंड ड्राइव का मामला
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में नए साल से पहले पुलिस की कड़ी कार्रवाई के दौरान एक दिलचस्प और चर्चा में रहने वाला मामला सामने आया है। जब एक कार चालक को शराब पीकर गाड़ी चलाने के संदेह में रोका गया, तो उसने अपने रसूख का हवाला देकर बचने की कोशिश की। इस घटना के दौरान मौजूद महिला IPS अधिकारी ने मजाकिया लेकिन सख्त लहजे में जवाब देते हुए स्थिति को संभाला। यह घटना अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है।
पुलिस की सख्ती और रसूख का दिखावा
नए साल के मौके पर पुलिस ने ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ कड़ी चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान एक ब्लैक फिल्म वाली कार को चेकिंग के लिए रोका गया। जब कार की फिल्म हटी, तो अंदर से एक डंडा भी निकला। कार से उतरकर युवक ने अपने फूफा की पहचान और रसूख का हवाला देने का प्रयास किया। इस पर ASP अनु बेनीवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा, ”फूफा जी चाहे प्रेजिडेंट ही क्यों न हों, चालान तो बनना ही चाहिए और डंडा भी छोड़ना पड़ेगा।”
मजाकिया अंदाज में सख्त संदेश और कानून का सम्मान
मौके पर मौजूद ASP ने हाथ में मौजूद डंडे को देखकर मजाकिया अंदाज में कहा, ”यह डंडा हमारे लिए बहुत मजबूत है।” पूरे घटनाक्रम के दौरान ASP मुस्कराती रहीं और सख्त लेकिन मानवीय तरीके से बातचीत करती नजर आईं। इस घटना से स्पष्ट संदेश जाता है कि कानून सबके लिए समान है, चाहे कोई कितना भी रसूखदार क्यों न हो।
ASP अनु बेनीवाल ने बताया, ”कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। ड्रंक एंड ड्राइव या किसी भी तरह के नियम उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसकी पहचान कुछ भी हो।”









