ग्वालियर में फर्जी दस्तावेजों से नौकरी का बड़ा घोटाला
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति ने अपने अनुभव और वेतन से जुड़े फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर उच्च पद की नौकरी हासिल कर ली। इस शख्स ने खुद को एक बड़े समूह का पूर्व कर्मचारी बताया, लाखों रुपये महीने की सैलरी का दावा किया और इसी आधार पर ऑटोमोबाइल कंपनी में वरिष्ठ पद पर नियुक्ति प्राप्त कर ली।
फर्जी दस्तावेजों से मिली ऊंची पद की मंजिल
आरोपी ने अपने पुराने अनुभव और वेतन से संबंधित जाली दस्तावेज कंपनी के सामने प्रस्तुत किए। इनमें एक अनुभव प्रमाण पत्र और एक बैंक स्टेटमेंट शामिल था, जिसमें उसकी मासिक आय 2 लाख 80 हजार 670 रुपये दर्शाई गई थी। इन दस्तावेजों पर आरोपी के सिग्नेचर भी थे, जिससे कंपनी को विश्वास हो गया कि वह पहले लैंडमार्क ग्रुप में काम कर चुका है और वहां उसे इतनी बड़ी सैलरी मिलती थी। इस आधार पर उसे कंपनी में वाइस प्रेसिडेंट से भी ऊपर का पद दे दिया गया।
सत्यापन में खुलासा, फर्जीवाड़ा का पर्दाफाश
करीब नौ महीने तक वह कंपनी में उच्च पद पर काम करता रहा, लेकिन मई 2026 में अचानक इस्तीफा देने के बाद जब कंपनी ने उसके दस्तावेजों का पुनः सत्यापन किया, तो सब कुछ उलट-पुलट गया। जांच में पता चला कि उसने लैंडमार्क ग्रुप में कभी काम ही नहीं किया था और उसके द्वारा दिखाए गए वेतन का भी कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद कंपनी ने ग्वालियर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज बनाने का मामला दर्ज किया है। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी कानपुर (Kanpur) में छिपा हुआ था, जिसे तकनीकी माध्यम से ट्रेस कर गिरफ्तार किया गया। अब पुलिस उसकी संलिप्तता और फर्जी दस्तावेजों की तैयारी में शामिल अन्य व्यक्तियों की भी खोजबीन कर रही है।
यह मामला इस बात का उदाहरण है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे कैसे बड़ी कंपनियों में उच्च पद हासिल किया जा सकता है। ग्वालियर क्राइम ब्रांच इस पूरे घोटाले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि इस तरह के धोखाधड़ी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।










