गुना में पुलिस अधिकारी के समर्थन में जनता का प्रदर्शन
जिस आईपीएस (IPS) अधिकारी की प्रशंसा खुद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की थी, उन्हें महज एक आरोप के आधार पर जिले से हटा दिया गया है। हालांकि 19 मार्च को हुए कथित हवाला (Hawala) कांड के बाद उनका स्थानांतरण हुआ, लेकिन अब जनता ने उनके समर्थन में सड़क पर उतरकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। इस ट्रांसफर के खिलाफ शहरवासी पोस्टर और बैनर लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जिन पर लिखा था- SUPPORT ANKIT SONI।
जनता का आक्रोश और रैली का आयोजन
रैली में शामिल महिलाएं और युवा बताते हैं कि अंकित सोनी को नेताओं की साजिश के तहत जिले से हटाया गया है। उनका कहना है कि बिना किसी सबूत के उनका ट्रांसफर करना अनुचित है। यदि पुलिस कप्तान की बात की जाए तो अंकित सोनी जैसी ईमानदार और कर्मठ अधिकारी का होना जरूरी है। इस रैली में छात्र, महिलाएं और व्यापारी बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे पुलिस को सुरक्षा बढ़ानी पड़ी। इस प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी हुई, और जनता की लोकप्रियता देखकर नेता भी हैरान रह गए।
अंकित सोनी की उपलब्धियां और वर्तमान स्थिति
गुना पुलिस अधीक्षक रहते हुए अंकित सोनी ने बड़े पैमाने पर नाबालिग बच्चियों को बरामद किया था। ऑपरेशन मुस्कान के तहत लापता बच्चियों को उनके परिजनों से मिलवाने में अहम भूमिका निभाई। जुआ, सट्टा, ड्रग्स तस्करी, नकली मुद्रा, संगठित अपराध और वाहन चोरी जैसे अपराधों पर अंकित सोनी ने कड़ी कार्रवाई की।
लेकिन कथित हवाला कांड के बाद उनका तबादला जिले से बाहर कर दिया गया। वर्तमान में उन्हें पुलिस मुख्यालय में तैनात किया गया है। उनकी जगह 2017 बैच की आईपीएस अधिकारी हितिका वासल को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। जनता का समर्थन और उनके कार्यों की प्रशंसा अभी भी जारी है, जो पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता बन गई है।









