मध्य प्रदेश में 72 घंटे में हत्या का खुलासा
मध्य प्रदेश के दतिया जिले में पुलिस ने केवल तीन दिनों के भीतर एक जघन्य हत्या की गुत्थी को सुलझाने में सफलता हासिल की है। यह मामला चिरुला थाना क्षेत्र के फुलरा गांव के पास काला पहाड़ मौजा का है, जहां एक अज्ञात व्यक्ति की गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी, और गांव व आसपास के लोगों ने शव की पहचान करने से इनकार कर दिया। इस जघन्य अपराध का मुख्य सवाल था कि मृतक कौन है और उसकी हत्या क्यों और किसने की।
पुलिस ने की तेजी से जांच, मृतक की पहचान हुई
चिरुला थाना प्रभारी नितिन भार्गव ने सीमावर्ती जिलों की पुलिस से संपर्क किया और जांच के दौरान मृतक की पहचान ग्वालियर के अर्रोली गांव निवासी कल्याण राणा के रूप में हुई। जांच में पता चला कि मृतक की पत्नी हेमलता को पहले पति की मौत के बाद अनुकंपा पर नौकरी मिली थी और वह छात्रावास अधीक्षक के पद पर कार्यरत थी।
हत्या का पर्दाफाश, आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने 72 घंटे के भीतर ही हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए आरोपी हेमलता और उसके साथी अमित को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि वर्ष 2015 में हेमलता ने अपने से छह साल छोटे कल्याण राणा से शादी की थी। शादी के बाद से ही कल्याण शराब पीकर घर आता और पत्नी से मारपीट करता था, साथ ही पैसे की मांग भी करता था। इसी दौरान हेमलता की नजदीकियां पड़ोसी अमित सूरी से बढ़ गईं। परेशान होकर हेमलता ने अमित के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
योजना के तहत हेमलता ने अपने पति को डबरा में बागेश्वर धाम के महंत धीरेन्द्र शास्त्री की कथा सुनने का बहाना बनाकर अमित के साथ कार से रवाना हुई। रास्ते में दोनों ने मिलकर कल्याण का गला दबा दिया। जब उन्हें शक हुआ कि वह जिंदा हो सकता है, तो उसकी गर्दन काटकर रेत दी। इसके बाद शव को दतिया के फुलरा ग्राम रोड पर फेंककर फरार हो गए। पुलिस ने ग्वालियर तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और हत्या में इस्तेमाल वाहन के आधार पर आरोपियों तक पहुंची। एडीएसपी सुनील शिवहरे ने बताया कि हेमलता और अमित को गिरफ्तार कर लिया गया है।











