इंदौर में राहुल गांधी का कार्यक्रम विवादित स्थल और अनुमति मुद्दा
इंदौर में राहुल गांधी के आगामी कार्यक्रम को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है, जहां नेहरू स्टेडियम की अनुमति नहीं मिलने के कारण कांग्रेस ने नई जगह के लिए 10 लाख रुपये का भुगतान किया है। यह कार्यक्रम 19 सितंबर को आयोजित किया जाएगा, जिसका नाम है ‘छात्रों की गूंज’। इस आयोजन के लिए कांग्रेस ने नई जगह की खोज की है, और इसके लिए आवश्यक सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
कार्यक्रम की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल
इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने बताया कि उन्हें इंडियन डेवलपमेंट अथॉरिटी (IDA) की ओर से एक पत्र मिला है, जिसमें कहा गया है कि निर्धारित शर्तों के अनुसार ही कार्यक्रम की मंजूरी दी जाएगी। इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि आयोजन स्थल पर सुरक्षा इंतजाम और संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करना आयोजकों की जिम्मेदारी होगी।
चौकसे ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इंदौर में गांधी के कार्यक्रम को लेकर चिंतित है और इसी कारण से वह कांग्रेस को परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले वे 12 सितंबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम करना चाहते थे, लेकिन अनुमति न मिलने के कारण तारीख बदलकर 19 सितंबर कर दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि रीजनल पार्क के सामने की जमीन के लिए उन्हें कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़े।
स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, जहां कांग्रेस ने शुरुआत में कार्यक्रम की अनुमति मांगी थी, नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आता है। इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के पुराने आदेश के अनुसार, इस स्टेडियम का उपयोग केवल खेल और राज्य-स्तरीय सरकारी कार्यक्रमों के लिए ही किया जा सकता है।
वहीं, भाजपा के राज्य सह-मीडिया प्रभारी आलोक दुबे ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह केवल प्रोपेगैंडा कर रही है और जनता भी पार्टी की असली सच्चाई जानती है। उन्होंने मजाक में कहा कि गांधी के कार्यक्रम का नाम ‘छात्रों की गूंज’ से बदलकर ‘झूठ की गूंज’ कर देना चाहिए।
कांग्रेस ने अपने कार्यक्रम का नाम ‘भारत जोड़ो मैदान’ रखा है और दावा किया है कि लगभग 1.5 लाख छात्रों ने इस कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। यह ‘छात्रों की गूंज’ अभियान छात्रों के साथ संवाद का एक प्रयास है, जिसमें गांधी ने प्रश्न पत्र लीक, महंगी शिक्षा, सरकारी भर्ती में गड़बड़ी और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठाया है।
गांधी के नेतृत्व में अब तक कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में इस कार्यक्रम के चार संस्करण आयोजित किए जा चुके हैं। इससे पहले 22 अगस्त को पुणे में यह कार्यक्रम महिला छात्रों के लिए था।










