इंदौर में कांग्रेस के छात्र कार्यक्रम को लेकर विवाद बढ़ा
इंदौर में कांग्रेस द्वारा आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम के लिए 10.08 लाख रुपये जमा कराए थे, जिसके बाद इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) ने पार्टी से लगभग 4 लाख रुपये और जमा करने को कहा है।
इसके बदले में, IDA ने कांग्रेस से तीन दिनों के लिए ली गई जमीन के लिए अतिरिक्त 4.03 लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है। इससे पहले, कांग्रेस ने रीजनल पार्क के सामने लगभग 12,000 वर्ग मीटर के मैदान की तीन दिन (17 से 19 सितंबर) की अस्थायी लीज के लिए IDA के खाते में कुल 10.08 लाख रुपये जमा कराए थे।
राजनीतिक विवाद और सरकारी नियमों का उल्लंघन का आरोप
बाद में, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्य प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने IDA से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि निर्धारित समय से अधिक समय तक जमीन का उपयोग किया जा रहा है, जो परमिट की शर्तों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा, “यह मामला किसी राजनीतिक विरोध का नहीं है, बल्कि सरकारी जमीन के उपयोग के लिए निर्धारित रेवेन्यू एकत्र करने का मामला है।”
वहीं, कांग्रेस नेता चिंटू चौकसे ने IDA से अतिरिक्त फंड की मांग पर आपत्ति जताई और इसे भाजपा नेताओं के दबाव का परिणाम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन सत्ता पक्ष के नेताओं के निर्देशों पर काम कर रहा है।
कांग्रेस की अनुमति और हाईकोर्ट का आदेश
शुरुआत में, कांग्रेस ने 12 सितंबर को शहर के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि स्टेडियम का उपयोग केवल खेल आयोजनों या राज्य-स्तरीय सरकारी कार्यक्रमों के लिए ही किया जा सकता है।
इसके बाद, पार्टी ने कार्यक्रम की तारीख बढ़ाकर 19 सितंबर कर दी और रीजनल पार्क के सामने वाली जमीन के लिए फिर से आवेदन किया।










