छतरपुर में जिंदा लोगों को मृत घोषित करने का मामला सामने आया
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक हैरान कर देने वाला फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है, जिसमें पंचायत सचिव ने जिंदा व्यक्तियों को मृत घोषित कर उनके नाम पर लाभ प्राप्त करने का प्रयास किया। इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब विधवा पेंशन रोक दी गई और जांच शुरू हुई। इस मामले में आरोपित पंचायत सचिव पर गंभीर आरोप लगे हैं, और इसकी जड़ें स्थानीय चुनावों से जुड़ी हो सकती हैं।
मृत घोषित कर लाभ हड़पने का मामला और आरोपों की जांच
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्हें मृत घोषित किए जाने के बाद उनकी विधवा पेंशन बंद कर दी गई थी। आरोप है कि इन व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था, क्योंकि उन्हें मृत मान लिया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन तीनों व्यक्तियों ने चुनाव के दौरान चंद्रापुरा के सरपंच के खिलाफ काम किया था, जिससे संभव है कि सरपंच ने बदले की भावना से सचिव पर दबाव डाला हो। इस पूरे प्रकरण की जांच जारी है।
जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सचिव को किया सस्पेंड
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) नमः शिवाय अरजरिया ने तुरंत ही चंद्रापुरा ग्राम पंचायत के सचिव अमर सिंह को निलंबित कर दिया। उन्होंने कहा कि अभी इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते क्योंकि जांच प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सचिव को कंप्यूटर का पर्याप्त ज्ञान नहीं था, जिससे संभव है कि यह गलती हुई हो। प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि यह कृत्य ‘मध्य प्रदेश पंचायत सेवा (आचरण) नियम, 1996’ के तहत गंभीर कदाचार माना जाएगा। निलंबन के दौरान अमर सिंह को जनपद पंचायत गौरिहार कार्यालय से अटैच किया जाएगा और उन्हें जीवन-निर्वाह भत्ता भी दिया जाएगा।










