मध्य प्रदेश में 108 इमरजेंसी एंबुलेंस का अनैतिक प्रयोग
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक आश्चर्यजनक घटना सामने आई है, जहां एक 108 इमरजेंसी एंबुलेंस का ड्राइवर युवती को लेकर घूमने निकला। यह ड्राइवर सायरन बजाते हुए सड़क पर तेज गति से चल रहा था। जब स्थानीय लोगों ने इसकी गतिविधियों पर ध्यान दिया और वीडियो बना लिया, तो यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस घटना के बाद, एंबुलेंस सेवा संचालक कंपनी ने तुरंत ही उस ड्राइवर को नौकरी से निकालने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश भी दिए हैं।
सड़क पर मिली युवती और वायरल वीडियो का खुलासा
मंगलवार की शाम को हुई इस घटना में, जब लोग सड़क पर तेज रफ्तार से दौड़ रही एंबुलेंस को देख रहे थे, तो उन्होंने सायरन की आवाज सुनी। कुछ लोगों को यह संदिग्ध लगा और उन्होंने उसका पीछा किया। जब वे एंबुलेंस को रोकने में सफल हुए, तो अंदर कोई मरीज नहीं था। बल्कि, एक युवती मौजूद थी, जबकि स्ट्रेचर खाली था और ऑक्सीजन सिलेंडर अपनी जगह पर था। इस दृश्य ने सभी को चौंका दिया। लोगों ने ड्राइवर से पूछताछ शुरू की, जिसने initially दावा किया कि युवती उसकी बहन है, लेकिन जब उसने अपना नाम नहीं बताया, तो उसकी कहानी टूट गई। इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया गया, जो तुरंत ही वायरल हो गया।
प्रशासन ने लिया सख्त कदम, जांच जारी
वायरल वीडियो के सामने आने के बाद, प्रशासन ने तुरंत ही कार्रवाई की। 108 एंबुलेंस सेवा संचालक कंपनी ने ड्राइवर भगत सिंह यादव को तत्काल नौकरी से हटा दिया। जिला स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरपी गुप्ता ने कहा कि इस तरह के सेवा दुरुपयोग को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आम जनता के लिए जीवन रक्षक मानी जाने वाली 108 एंबुलेंस का निजी इस्तेमाल करना न केवल अनुचित है, बल्कि यह कानून का उल्लंघन भी है। इस घटना से स्पष्ट है कि इमरजेंसी सेवाओं का सम्मान और जिम्मेदारी का पालन जरूरी है, ताकि इन सेवाओं का सही उपयोग हो सके।









