मध्य प्रदेश में रिटायर्ड इंजीनियर के खिलाफ बड़े पैमाने पर छापेमारी
मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी जीपी मेहरा (गोविंद प्रसाद मेहरा) के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में कठोर कार्रवाई की है। फरवरी 2024 में सेवानिवृत्त हुए मेहरा पर उनके पूरे सेवा काल के दौरान भ्रष्टाचार के माध्यम से अपनी वैध आय से कई गुना अधिक संपत्ति बनाने का आरोप है।
छापेमारी के दौरान मिली करोड़ों की संपत्ति
लोकायुक्त पुलिस के महानिदेशक योगेश देशमुख के नेतृत्व में भोपाल, गोविंदपुरा और नर्मदापुरम के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में पुलिस ने कई संदिग्ध संपत्तियों का खुलासा किया है। सोहागपुर (नर्मदापुरम) में सैनी गांव के एक स्थान पर छापेमारी के दौरान मिनी मालदीव जैसी एक रिसॉर्ट बनाने की योजना का पता चला।
संपत्तियों का विस्तृत खुलासा
छापेमारी में 32 निर्माणाधीन और 7 पूर्ण कॉटेज, 17 टन शहद, दो बड़े तालाब, कृषि भूमि, महंगे ट्रैक्टर और कृषि उपकरण, दो गौशाला और दो मछली पालन केंद्र का पता चला है। इसके अलावा, ओपल रेजेंसी (भोपाल) में एक फ्लैट से लगभग 26 लाख रुपये नकद, 2 किलो 649 ग्राम सोना (लगभग 3 करोड़ 5 लाख रुपये की कीमत) और 5 किलो 523 ग्राम चांदी (करीब 5 लाख 93 हजार रुपये) बरामद हुए।
संपत्ति का बड़ा भंडार और जांच जारी
जीपी मेहरा की कुल संपत्ति का मूल्य 10 करोड़ रुपये से अधिक का अनुमान है। मणीपुरम कॉलोनी (भोपाल) में उनके निवास से नकद राशि के साथ ही लगभग 50 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर, 56 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य सामान भी मिले हैं। इसके अलावा, उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर चार फोर-व्हीलर वाहन भी दर्ज हैं।
फैक्ट्री और लग्जरी गाड़ियों के साथ ही, पुलिस को कच्चा और तैयार माल भी मिला है। पीवीसी पाइप बनाने वाली केटी इंडस्ट्रीज (गोविंदपुरा) में लगभग 1.25 लाख रुपये नकद भी बरामद हुए हैं।
पुलिस ने जीपी मेहरा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संपत्ति संबंधी दस्तावेज, एफडी, शेयर और बीमा दस्तावेजों की जांच जारी है, और छापेमारी की कार्रवाई अभी भी जारी है।










