मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ अनूठा मामला सामने आया
मध्यप्रदेश की राजधानी में भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक असामान्य घटना प्रकाश में आई है, जिसमें आरोपी और जांच करने वाली पुलिस टीम दोनों ही एक ही विभाग से हैं। इस ‘क्लीनअप ऑपरेशन’ के दौरान पुलिस विभाग के ही दो कर्मियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया है।
पुलिस विभाग के भीतर ही भ्रष्टाचार का खुलासा
यह मामला एक मकान मालिक और किरायेदार के बीच चल रहे विवाद से शुरू हुआ। आरोप है कि जब किरायेदार मदद के लिए पुलिस के पास पहुंचा, तो कोहेफिजा थाने में तैनात कांस्टेबल यशपाल तोमर ने उसके पक्ष में कार्रवाई करने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की। इस भ्रष्टाचार की शिकायत सीधे पुलिस कमिश्नर तक पहुंची, जिसने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए।
विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से की कार्रवाई
कमिश्नर के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने जैसे ही रिश्वत की रकम स्वीकार करने वाले कांस्टेबल और एफआरवी ड्राइवर को पकड़ लिया, टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कांस्टेबल यशपाल तोमर को हिरासत में ले लिया गया है, जबकि एफआरवी ड्राइवर को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। इस घटना ने पूरे थाने की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और अब अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।









