जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसे ने प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया
जबलपुर के प्रसिद्ध बरगी डैम (Barghi Dam) में हुए क्रूज दुर्घटना ने प्रशासन की गंभीर चूक को सामने ला दिया है। इस हादसे का मुख्य कारण यह बताया जा रहा है कि मौसम विभाग ने पहले ही तेज हवाओं का येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया था, फिर भी प्रशासन ने नदी में क्रूज संचालन को रोकने की कोई कोशिश नहीं की।
मौसम चेतावनी के बावजूद क्रूज संचालन क्यों जारी रहा?
मौसम विभाग ने जबलपुर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया था। इसके बावजूद, पर्यटकों से भरे इस क्रूज को नर्मदा नदी के बैकवाटर (Backwater) में चलने की अनुमति दी गई। जैसे ही क्रूज नदी के गहरे हिस्से में पहुंचा, अचानक मौसम में बदलाव हुआ और तेज हवाओं ने स्थिति को और भी खराब कर दिया।
हादसे का कारण और रेस्क्यू अभियान
तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण क्रूज का संतुलन बिगड़ गया और वह पलटकर पानी में डूब गया। इस दुर्घटना में लगभग 30 लोग सवार थे। हादसे के तुरंत बाद ही स्थानीय नाविकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। अब तक 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 6 शव बरामद किए गए हैं। अभी भी कुछ लोग लापता हैं, जिनकी खोज एसडीआरएफ (SDRF) और गोताखोरों की टीम कर रही है।









