झारखंड में नकली विदेशी शराब की बड़ी खेप जब्त
झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली विदेशी शराब का बड़ा जखीरा पकड़ा है। इस कार्रवाई में पुलिस ने टंडडीह और परसातरी गांव से कुल 357 पेटी, यानी लगभग 15,936 बोतल नकली विदेशी शराब जब्त की है। साथ ही इस अवैध नेटवर्क से जुड़े आठ आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई और तस्करों का पर्दाफाश
यह सफलता पुलिस के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि गिरफ्तार तस्कर झारखंड और बिहार के विभिन्न जिलों से हैं, जो लंबे समय से इस क्षेत्र में अवैध शराब की आपूर्ति कर रहे थे। पुलिस ने इनके पास से चार वाहनों को भी जब्त किया है, जिनमें एक स्कॉर्पियो, एक स्विफ्ट डिज़ायर, एक डैटसन गो प्लस और एक निसान टेरानो शामिल हैं।
छापेमारी का पूरा घटनाक्रम और गिरफ्तारियों का विवरण
पुलिस को कई दिनों से इस इलाके में एक बड़े गिरोह के सक्रिय होने की सूचना मिल रही थी, लेकिन सटीक कार्रवाई संभव नहीं हो पा रही थी। मंगलवार की रात को जिला मुख्यालय से मिली गुप्त सूचना ने स्थिति बदल दी। बताया गया कि टंडडीह निवासी कुमार चंदन के घर में भारी मात्रा में नकली विदेशी शराब का भंडारण किया गया है, जिसे रातभर बिहार भेजने की योजना थी। इस खेप को छोटे वाहनों में बांटकर भेजने का प्रयास किया जा रहा था, ताकि चेकपोस्ट पर पकड़े जाने से बचा जा सके। सूचना मिलते ही डीएसपी अजीत कुमार विमल ने एक विशेष टीम का गठन किया, जिसमें पुलिस निरीक्षक चंद्रशेखर कुमार और चौपारण थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी शामिल थे।
रात लगभग 10 बजे के आसपास टीम ने टंडडीह गांव में छापेमारी की। जैसे ही पुलिस की गाड़ियों की आवाज़ सुनाई दी, तस्कर भागने लगे। कुछ घर से बाहर निकले और अंधेरे का फायदा उठाकर भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने पहले से ही घेराबंदी कर रखी थी। कुछ ही मिनटों में तस्कर पकड़ लिए गए। पुलिस ने कुमार चंदन के घर की तलाशी ली, जो इस अवैध शराब नेटवर्क का मुख्य केंद्र माना जा रहा है। तलाशी के दौरान भारी मात्रा में नकली शराब के कार्टन, पैकेजिंग सामग्री और शराब बनाने के उपकरण भी बरामद हुए।
पुलिस ने कुल 160 पेटी (7680 बोतल) 8 PM ब्रांड, 172 पेटी (8256 बोतल) स्टार गोल्ड ब्रांड और परसातरी गांव से 25 पेटी सहित कुल 15,936 बोतल नकली विदेशी शराब जब्त की। साथ ही, नकली शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले स्टीकर, ढक्कन, सील और पैकिंग सामग्री भी मिली, जो इस बात का संकेत है कि गिरोह न केवल शराब तस्करी करता था बल्कि उसकी पैकेजिंग भी खुद ही करता था। गिरफ्तार आरोपियों के पास से कई फर्जी नंबर प्लेट वाले वाहन भी मिले हैं, जो इस बात का प्रमाण हैं कि गिरोह पुलिस की नजरों से बचने के लिए लगातार नई रणनीतियों का इस्तेमाल कर रहा था।
इन वाहनों में शामिल हैं- स्कॉर्पियो (BR 06 PE 8842), स्विफ्ट डिज़ायर (JH01 EP 3227), डैटसन गो प्लस (BR 01 PM 6881) और निसान टेरानो (JH01 BF 7726)। इन वाहनों पर कई फर्जी नंबर प्लेट भी लगी हुई थीं। साथ ही, बरामद मोबाइल फोन से तस्करों की चैट, कॉल रिकॉर्ड और रूट मैप जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों का भी पता चला है। इस कार्रवाई में चुन्नू कुमार, कुमार चंदन, रणविजय कुमार सिंह, मो. असलम अंसारी, दीपक कुमार महतो, रौबिन महतो, अरमान अंसारी और प्रवीण कुमार महतो को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी अलग-अलग जिलों से जुड़े हुए हैं और एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क काफी दिनों से सक्रिय था और इसकी अवैध गतिविधियों का प्रभाव कई जिलों तक फैला हुआ है।











