हरियाणा में खेल सुविधाओं की लापरवाही से दो युवा खिलाड़ियों की मौत
हरियाणा में खेलों को प्रोत्साहित करने की बात अक्सर की जाती है, लेकिन हाल के घटनाक्रम ने राज्य की खेल व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। रोहतक और बहादुरगढ़ में बास्केटबॉल पोल गिरने से दो युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की जान चली गई है। इन दुखद हादसों ने स्पष्ट कर दिया है कि खेल मैदानों की देखरेख और रखरखाव में भारी अनदेखी हो रही है, जो खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है।
रोहतक में बास्केटबॉल पोल गिरने का दर्दनाक हादसा
हरियाणा के रोहतक जिले के लाखन माजरा गांव में गुरुवार सुबह लगभग दस बजे एक बड़ा हादसा हुआ। यहां 16 वर्षीय छात्र हार्दिक, जो एक उभरते हुए बास्केटबॉल खिलाड़ी थे, अकेले अभ्यास कर रहे थे। वह कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके थे। सीसीटीवी फुटेज में दिखाया गया है कि जब हार्दिक दौड़कर पोल पर लटका, तो भारी लोहे का पोल अचानक टूटकर उसकी छाती पर गिर पड़ा।
यह पोल लगभग 750 किलोग्राम वजन का था। पहले प्रयास में यह नहीं टूटा, लेकिन दूसरी बार लटकते ही पूरा ढांचा गिर गया। पास खड़े खिलाड़ियों ने तुरंत उसे बाहर निकाला और तुरंत पीजीआईएमएस रोहतक ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हार्दिक दसवीं का छात्र था और उसका सपना था कि वह राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा का नाम रोशन करे। लेकिन खराब मेंटीनेंस और कमजोर संरचना ने उसकी जान ले ली।
खेल विभाग की लापरवाही और सरकार की कार्रवाई
हार्दिक की मौत के बाद राज्य सरकार ने तुरंत कदम उठाए। खेल राज्य मंत्री ने जिले के खेल अधिकारी को सस्पेंड कर दिया है और पंचायत की जमीन पर बनी बास्केटबॉल नर्सरी को भी निलंबित कर दिया गया है। साथ ही सभी 22 जिलों के स्पोर्ट्स ऑफिसरों को खेल सुविधाओं की स्थिति की रिपोर्ट तलब करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस हादसे के पीछे मुख्य कारण खेल मैदानों की खराब स्थिति और समय पर मेंटीनेंस का अभाव है। आरोप है कि पंचायत की जमीन पर बने इस कोर्ट का निर्माण भी सांसद निधि से हुआ था, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने मेंटीनेंस में लापरवाही बरती। यदि समय रहते मरम्मत हो जाती, तो शायद यह दुखद घटना नहीं होती।
बहादुरगढ़ में भी हुई ऐसी ही घटना
रोहतक में हादसे से कुछ ही दिन पहले बहादुरगढ़ के होशियार सिंह खेल स्टेडियम में भी ऐसी ही दुर्घटना हुई थी। यहां 15 वर्षीय खिलाड़ी अमन अभ्यास कर रहा था, तभी अचानक पोल गिर गया। गंभीर रूप से घायल अमन को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
दोनों घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि खेल मैदानों में लगे पोल अत्यंत खराब हालत में थे और उनकी नियमित जांच नहीं हो रही थी। इन घटनाओं ने खेल विभाग की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल उठता है कि क्यों पोल को समय पर नहीं बदला गया, क्यों मजबूत संरचना का ध्यान नहीं रखा गया और क्यों निरीक्षण नहीं हुआ? इन सवालों का जवाब ढूंढना जरूरी है, क्योंकि यह केवल हादसे नहीं बल्कि लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम हैं।
स्थानीय लोग और परिजन इन मौतों को महज दुर्घटना नहीं मानते, बल्कि इसे जानबूझकर की गई लापरवाही करार देते हैं। उनका कहना है कि यदि संरचनाओं की खराब स्थिति जानते हुए भी उन्हें ठीक नहीं किया गया और इस कारण किसी की जान चली गई, तो इसे हत्या के समान माना जाना चाहिए। इसलिए वे अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों से किसी परिवार को गुजरना न पड़े।
हरियाणा का खेल क्षेत्र देश में अपनी प्रतिभाओं के लिए जाना जाता है, लेकिन यदि सुविधाओं का यही हाल रहा, तो यह खेलों में रुचि रखने वाले बच्चों और उनके परिवारों के लिए खतरा बन जाएगा। सरकार और संबंधित विभागों को चाहिए कि वे इन खामियों को दूर कर, खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।











