हरियाणा के नूंह जिले में सर्कस स्टंट से मौत का मामला
हरियाणा के नूंह जिले में एक पारंपरिक गांव के सर्कस कलाकार की दर्दनाक मौत हो गई है। 27 वर्षीय इस व्यक्ति को एक खतरनाक स्टंट के दौरान दम घुटने से जान गंवानी पड़ी। पुलिस ने बुधवार को जानकारी दी कि इस घटना का मुख्य कारण सांस लेने में कठिनाई होना था। इस स्टंट में कलाकार को तीन दिनों तक बोरी में जिंदा दफनाया जाता था और फिर उसे गड्ढे से बाहर निकालना होता था। इस बार यह जोखिम भरा प्रदर्शन असफल रहा।
गांव में खतरनाक स्टंट का आयोजन और मौत का कारण
फरीदाबाद के गौंची गांव का रहने वाला दीपक इस स्टंट को करने वाला कलाकार था। 23 जुलाई को वह मिट्टी के ढेर के नीचे दब गया, जब वह “जीवित समाधि” नामक इस परफॉर्मेंस में हिस्सा ले रहा था। उसके साथी उसकी जान बचाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन जब वह गड्ढे से बाहर नहीं आया, तो उसकी मौत की खबर फैल गई। जांच में पता चला कि दीपक ने करीब 15 वर्षों से इस पारंपरिक कला में भाग लिया था और वह अक्सर भीड़ का मनोरंजन करने के लिए विभिन्न स्टंट करता था।
मौत के पीछे संभावित कारण और प्रशासन की प्रतिक्रिया
पुलिस के अनुसार, दीपक का परिवार भी इस पारंपरिक कला से जुड़ा हुआ है। उसकी मौत का मुख्य कारण दम घुटना माना जा रहा है, हालांकि पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ताऊरू पुलिस स्टेशन के SHO इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में दम घुटने को मौत का कारण माना जा रहा है। नूंह जिले के कमिश्नर ने कहा कि इस तरह के स्टंट गैर-कानूनी हैं और बिना अनुमति के इन प्रदर्शनियों का आयोजन कैसे हुआ, इसकी जांच की जाएगी।









