नोएडा में मजदूरों का प्रदर्शन और हिंसक झड़पें
आज सुबह आठ बजे के आसपास मैं नोएडा के NSEZ (National Small Industries Zone) के पास पहुंचा, जहां से एलिवेटेड रोड का उतरना शुरू होता है। इसी स्थान पर मजदूरों की भारी भीड़ दिखाई देने लगी। मीडिया आईडी दिखाने के बाद भी मजदूर गुस्से में थे और बातचीत करने से इनकार कर रहे थे। इस दौरान वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात था।
इसके बाद मैं सेक्टर 85 के पास एक निजी न्यूज चैनल के कार्यालय के बाहर पहुंचा, जहां मजदूरों का हंगामा जारी था। मैंने कुछ मजदूरों से बातचीत की, जिनमें से एक मजदूर रमेश ने कहा कि उनकी सैलरी बहुत कम है। महंगाई के इस दौर में घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है, और गैस जैसी जरूरी वस्तु भी 400 रुपये में खरीदनी पड़ती है। इसलिए वे अपनी वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं।
एक अन्य मजदूर नाजिम अंसारी ने बताया कि उनकी ड्यूटी आठ घंटे की है, और उन्हें ओवरटाइम नहीं चाहिए, बल्कि वेतन में बढ़ोतरी चाहिए। वहीं एक महिला मजदूर ने कहा कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही है और उनकी आवाज दबाई जा रही है।
प्रदर्शन की तीव्रता और पुलिस की कार्रवाई
करीब 11:30 बजे मैं फेज 2 क्षेत्र में पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में मजदूर विभिन्न कंपनियों के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। वे लाठी-डंडों से कंपनी के गेट पर हमला कर रहे थे और बाहर रखे गार्ड बूथ को फेंक दिया गया था। कई जगह आग लगाने की कोशिश भी हुई।
पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को थाने के पास खदेड़ दिया। पुलिस ने उपद्रवियों पर लाठीचार्ज किया और उन्हें तितर-बितर कर दिया। कुछ मजदूर ग्रीन बेल्ट पार कर सूरजपुर से नोएडा आने वाली सड़क पर पहुंच गए।
इसके बाद मैं मदरसन कंपनी के पास पहुंचा, जहां पुलिस की जली हुई गाड़ियां और सड़क पर पड़े पत्थर देखे गए। कंपनी के बाहर भी कई जली हुई गाड़ियां और टूटा हुआ शीशा था। फिर मैं सेक्टर 63 पहुंचा, जहां एक सर्विस सेंटर के बाहर जली हुई गाड़ियां मिलीं। शाम को मैं सेक्टर 67 पहुंचा, जहां कंपनी के शीशे टूटे हुए थे और पुलिस मौके पर मौजूद थी।
शाम लगभग 6:45 बजे मैं फेज 2 थाने के पास पहुंचा, जहां भारी पुलिस बल तैनात था। पूरे इलाके में स्थिति सामान्य थी और रास्ते खुले हुए थे। पुलिस कमिश्नर भी मौके पर मौजूद थे।
फरीदाबाद में मजदूरों का हड़ताल और प्रदर्शन
फरीदाबाद से सचिन गौड़ की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम (Gurgaon) के मानेसर (Manesar) से शुरू हुई मजदूरों की हड़ताल का असर अब फरीदाबाद (Faridabad) तक पहुंच गया है। आज सुबह सेक्टर 37 में स्थित मदरसन कंपनी के हजारों मजदूरों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
मजदूरों का गुस्सा तब भड़का जब हरियाणा सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी की, लेकिन कंपनी ने इसे लागू नहीं किया। मजदूरों का कहना है कि उनकी सैलरी महज 11,000 रुपये है, जिसमें से करीब 9,000 रुपये इन-हैंड मिलते हैं। वेतन कम होने के कारण जीवन यापन कठिन हो रहा है।
मजदूरों ने बताया कि कंपनी में मोबाइल फोन लाने की अनुमति नहीं है, जिससे आपातकालीन स्थिति में जानकारी नहीं मिल पाती। छुट्टी लेने पर वेतन काट लिया जाता है। मजदूरों का समर्थन करते हुए सीटू (CITU) के जिला सचिव वीरेंद्र डंगवाल ने कहा कि सरकार को मजदूरों को न्यूनतम 15,200 रुपये वेतन देना चाहिए।
महिला मजदूर महालक्ष्मी ने बताया कि वह पिछले पांच साल से काम कर रही हैं, लेकिन उनकी सैलरी अभी भी 11,000 रुपये है। उनके अनुसार, महिला कर्मचारियों के लिए अलग टॉयलेट की व्यवस्था नहीं है और मैनेजमेंट का व्यवहार भी अच्छा नहीं है।











