हरियाणा के फरीदाबाद में छात्रा की आत्महत्या का दर्दनाक मामला
हरियाणा के फरीदाबाद जिले से एक दुखद घटना प्रकाश में आई है, जहां 10वीं कक्षा में अपेक्षा से कम अंक प्राप्त करने के कारण एक छात्रा ने चलती ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। यह छात्रा लगभग 36 घंटे से घर से लापता थी, लेकिन पुलिस उसकी खोज में असफल रही। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है और परिवार गहरे सदमे में है।
पुलिस की खोज और परिवार का दुख
मृतक छात्रा पल्ला क्षेत्र की निवासी थी और एक निजी स्कूल में पढ़ाई कर रही थी। उसकी मां के अनुसार, छात्रा पढ़ाई में अच्छी थी और उसने इस वर्ष 10वीं की परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद वह लगातार कह रही थी कि उसके कम से कम 80 प्रतिशत अंक आएंगे। बुधवार को जब CBSE का रिजल्ट जारी हुआ, तो उसने अपने परिणाम के बारे में घर में किसी को नहीं बताया। दिनभर वह अपने दोस्तों से बातचीत करती रही और शाम को मां से पैसे लेकर कहकर घर से निकली कि वह मोमोज खाने जा रही है, लेकिन उसके बाद वह वापस नहीं लौटी।
खोज के प्रयास और अंत में दुखद खबर
परिवार ने जब उसकी तलाश शुरू की, तो आसपास के इलाकों में खोजबीन की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। जब देर रात तक छात्रा का कोई पता नहीं चला, तो परिवार ने पड़ोसियों के साथ मिलकर उसकी खोज शुरू की। बुधवार रात से लेकर गुरुवार तक पुलिस उसकी तलाश में लगी रही, लेकिन सफलता नहीं मिली। शुक्रवार दोपहर तक भी छात्रा का कोई पता नहीं चल पाया। इसके बाद साइबर पुलिस से सूचना मिली कि मेवला महाराजपुर रेलवे ट्रैक के पास एक लड़की का शव मिला है। परिवार जब वहां पहुंचा, तो शव की पहचान उसकी ही थी। पिता ने शव देखकर पूरी दुनिया मानो टूट गई।
परिवार को पता चला कि छात्रा के 68 प्रतिशत अंक आए थे, जबकि वह 80 प्रतिशत की उम्मीद कर रही थी। मां ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि कम अंक आने का इतना गहरा असर होगा। परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं, क्योंकि 36 घंटे तक उनकी बेटी की खोज में कोई सफलता नहीं मिली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से परीक्षा के तनाव और मानसिक दबाव के गंभीर पहलू उजागर होते हैं, जो युवाओं के लिए चिंता का विषय हैं।











