मुरथल के ढाबों में टेक्नोलॉजी का नया प्रयोग
हरियाणा के सोनीपत जिले में स्थित मुरथल के प्रसिद्ध ढाबे अब केवल पारंपरिक देसी व्यंजनों के लिए ही नहीं जाने जाते, बल्कि यहां की सेवा में भी नई तकनीक का समावेश हो गया है। रेशम ढाबे ने अपने ग्राहकों को आधुनिकता का अनुभव कराने के लिए एक रोबोट वेटर का इस्तेमाल शुरू किया है। यह कदम क्षेत्र में नई सेवा शैली को बढ़ावा दे रहा है, जिससे ग्राहक न केवल स्वादिष्ट भोजन का आनंद ले रहे हैं बल्कि तकनीक का भी अनुभव कर रहे हैं।
कैसे काम करता है यह रोबोट वेटर?
जैसे ही रेशम ढाबे में ऑर्डर तैयार होता है, वैसे ही भोजन की ट्रे रोबोट पर रख दी जाती है। इसके बाद यह रोबोट अपने इनबिल्ट नेविगेशन सिस्टम की मदद से अपने निर्धारित मार्ग पर स्वचालित रूप से चलता हुआ सीधे ग्राहक की टेबल तक पहुंच जाता है। इसे रिमोट कंट्रोल और सॉफ्टवेयर चिप के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है।
इस रोबोट की आंखों में चमकती लाल एलईडी लाइट और फाइबर से बना बाहरी भाग इसे आकर्षक और अनूठा बनाते हैं। एक बार पूरी तरह से चार्ज होने के बाद, यह रोबोट लगभग डेढ़ से दो घंटे तक लगातार सेवा प्रदान कर सकता है।
ग्राहकों में बढ़ता हुआ उत्साह और आधुनिक सेवा का प्रभाव
मुरथल के ढाबों में रोबोट वेटर को देखकर ग्राहकों का उत्साह चरम पर है। कई ग्राहक अपने मोबाइल से इसका वीडियो बनाते हैं और सेल्फी लेते नजर आते हैं। खास बात यह है कि इस सेवा के लिए ग्राहकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा रहा है। अभिषेक नामक ग्राहक ने बताया कि रोबोट को खाना परोसते देखना उनके लिए एक अनूठा और रोमांचक अनुभव था।
संजय, जो इस ढाबे के मैनेजर हैं, के अनुसार इस रोबोट को बेंगलुरु (Bangalore) की एक विशेष टीम ने तैयार किया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह था कि मुरथल आने वाले लोग स्वादिष्ट भोजन के साथ-साथ अत्याधुनिक तकनीक का भी अनुभव कर सकें। इस रोबोट को नियंत्रित करने के लिए एक अलग टीम तैनात की गई है, जो आवश्यकतानुसार रिमोट के जरिए इसे संचालित करती है।
मुरथल के परंपरागत पराठों और देसी व्यंजनों के लिए प्रसिद्ध इस क्षेत्र में अब रोबोट वेटर का आगमन भोजन के स्वाद को तो पहले जैसा ही बनाए रखता है, लेकिन परोसने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। यह नई सेवा हाईवे पर गुजरने वाले यात्रियों के बीच चर्चा का विषय बन गई है और तकनीक के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ा रही है।










