हरियाणा में पुलिस अधिकारी की आत्महत्या के बाद प्रशासनिक कदम
हरियाणा सरकार ने सीनियर आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले में प्रमुख पुलिस अधिकारी शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेजने का निर्णय लिया है। इस कदम का उद्देश्य मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना है। वर्तमान में उनके स्थान पर हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक और 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी ओपी सिंह को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। ओपी सिंह का सेवानिवृत्ति वर्ष 2025 का अंत है।
अधिकारियों के बीच विवाद और जांच का माहौल
गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा ने इस आदेश में छुट्टी की अवधि का उल्लेख नहीं किया है। ओपी सिंह के अतिरिक्त प्रभार में होने के साथ ही वह हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रमुख और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के निदेशक भी हैं। इससे पहले रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजराणिया का ट्रांसफर किया गया था। इस पूरे प्रकरण में पुलिस अधिकारियों के बीच विवाद और आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बनी हुई है।
पूरन कुमार की आत्महत्या और आरोपों का सिलसिला
7 अक्टूबर को आईपीएस अधिकारी पूरन कुमार ने चंडीगढ़ में अपने आवास पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उनके सुसाइड नोट में शत्रुजीत कपूर, नरेंद्र बिजराणिया समेत कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों पर जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। पूरन कुमार की पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार ने आरोप लगाया है कि इन अधिकारियों ने उनके पति की मौत के पीछे व्यक्तिगत और पदस्थापना से जुड़ी साजिश रची है। परिवार ने उनके शव का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है, जब तक आरोपियों को निलंबित और गिरफ्तार नहीं किया जाता।









