हरियाणा में पुलिस अधिकारी की आत्महत्या का जटिल मामला
हरियाणा में आईपीएस अधिकारी पूरन कुमार की आत्महत्या की घटना ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है। इस मामले में नई मोड़ तब आया जब आज एक एएसआई ने भी अपने जीवन का अंत कर लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस एएसआई ने अपनी जान देने का कारण आईपीएस पूरन कुमार के खिलाफ चल रही जांच को बताया है। यह घटना पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि इसमें जाति, राजनीति और भ्रष्टाचार का जटिल खेल छुपा हुआ है।
सुसाइड नोट और वीडियो में लगाए गए गंभीर आरोप
रोहतक के पुलिसकर्मी संदीप कुमार ने अपने सुसाइड नोट और वीडियो में कई सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उन्होंने दिवंगत आईपीएस वाई पूरन कुमार और उनके गनमैन सुशील कुमार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। संदीप कुमार का दावा है कि आईपीएस पूरन कुमार भ्रष्टाचार में लिप्त थे और गिरफ्तारी के डर से उन्होंने आत्महत्या की। उनका कहना है कि इस जांच का असर उनके परिवार और पत्नी पर पड़ने वाला था, जो पहले से ही भ्रष्टाचार में शामिल हैं। संदीप ने यह भी आरोप लगाया कि पूरन कुमार ने महिलाओं के साथ यौन शोषण के भी संगीन आरोप लगाए हैं।
संदीप कुमार का परिचय और घटनाक्रम
संदीप कुमार का मूल स्थान जींद है, लेकिन वर्तमान में वह रोहतक के लाढ़ौत रोड पर अपने मामा के घर रह रहे थे। वह पिछले एक साल से रोहतक के साइबर सेल में तैनात थे। उनकी लाश खेत में बने मामा के मकान से मिली है। 6 अक्टूबर को रोहतक पुलिस ने पूरन कुमार के गनमैन सुशील कुमार को रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके अगले ही दिन 7 अक्टूबर को पूरन कुमार ने चंडीगढ़ में अपनी कोठी पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। अब एक और सुसाइड ने इस पूरे मामले को और भी पेचीदा बना दिया है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
सवालों की जटिलता और जांच का संदर्भ
इस घटना के बाद कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। पहला, एक सुसाइड के जवाब में दूसरा सुसाइड क्यों हुआ? दूसरा, आईपीएस पूरन कुमार पर आरोप लगाने वाले संदीप कुमार को क्यों अपनी जान देनी पड़ी? तीसरा, क्या संदीप पर कोई दबाव था? चौथा, उसने जांच में सहयोग क्यों नहीं किया? पांचवां, क्या दोनों आत्महत्याओं का आपस में कोई संबंध है? और अंत में, कोई व्यक्ति बिना किसी सीधी जांच के अपनी जान क्यों ले सकता है? संदीप कुमार ने अपने वीडियो में अपनी आत्महत्या का कारण बताते हुए कहा कि वह पूरन कुमार की जांच की मांग कर रहे थे, ताकि सही जांच हो सके। हालांकि, उनके दावे और सुसाइड के पीछे की वजहें अभी भी रहस्यमय हैं, और यह मामला भ्रष्टाचार और जाति आधारित राजनीति के जटिल खेल का प्रतीक बन गया है।











