हरियाणा के अंबाला में 220 फीट गहरे बोरवेल में गिरा बच्चा रेस्क्यू के बाद मृत पाया गया
अंबाला जिले में बुधवार सुबह एक चार वर्षीय बच्चे को 21 घंटे की कठिन रेस्क्यू प्रक्रिया के बाद बाहर निकाला गया, लेकिन दुर्भाग्यवश उसकी मृत्यु हो चुकी थी। यह घटना मंगलवार सुबह धनेओरा गांव में हुई, जब बच्चा अपने पिता मंजीत के साथ खेत में था। परिवार के अनुसार, बच्चे ने अपने दादा करनैल सिंह को खाना देने के लिए खेत में जाने का फैसला किया था।
बच्चे के बोरवेल में गिरने का कारण और रेस्क्यू ऑपरेशन
खेलते-खेलते बच्चे ने अचानक एक खुला बोरवेल देखा और उसमें मिट्टी डालने लगा। माना जा रहा है कि जब वह अंदर देखने के लिए झुका, तो आसपास की गीली मिट्टी धंस गई, जिससे वह फिसलकर गिर गया। मंजीत ने बताया कि उन्होंने जोर की आवाज सुनी और तुरंत बोरवेल की ओर दौड़े। ग्रामीणों और परिवार ने भी बचाव की कोशिश की, लेकिन असफल रहने के बाद उन्होंने अधिकारियों को सूचित किया।
प्रशासन और रेस्क्यू टीम की कार्रवाई और बच्चे का निधन
सूचना मिलते ही अंबाला के डिप्टी कमिश्नर अजय सिंह तोमर और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। NDRF, SDRF और सेना की रेस्क्यू टीमों ने मिलकर इस जटिल ऑपरेशन को अंजाम दिया। बोरवेल की चौड़ाई लगभग 9 इंच और गहराई 220 फीट थी। रेस्क्यू के दौरान बच्चे को बाहर निकालने में करीब 21 घंटे लगे, लेकिन जब उसे अस्पताल लाया गया, तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हरियाणा के मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।









