गुरुग्राम में डिलीवरी बॉय का अपहरण और गिरफ्तारी
गुरुग्राम में एक डिलीवरी कर्मचारी का अपहरण कर उसकी मारपीट करने का मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना दिनदहाड़े हुई जब आरोपी पीड़ित से 6.50 लाख रुपये की वसूली कर रहे थे। घटना के दौरान आरोपी पीड़ित को जबरदस्ती कार में डालकर ले जा रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस की ईवीआर (Emergency Vehicle Response) टीम ने तत्परता दिखाते हुए पीछा कर पीड़ित को सुरक्षित बाहर निकाला। फिलहाल, दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
घटना का संक्षिप्त विवरण और पुलिस की तत्परता
गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि पीड़ित मूल रूप से भिवानी (Bhiwani) का निवासी है और गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में डिलीवरी का काम करता है। 21 जनवरी की शाम लगभग साढ़े पांच बजे वह अपने साथी पंकज के साथ डिलीवरी पूरी कर घर लौट रहा था। जब वह सुजुकी कंपनी (Suzuki Company) के एसबीआई रोड (SBI Road) के पास पहुंचा, तभी एक शिफ्ट कार ने उसका रास्ता रोक लिया। इसी समय एक दूसरी कार भी मौके पर आ गई। कार से उतरते ही आरोपी जयबीर और अमन अपने साथियों के साथ पीड़ित पर हमला कर दिए। आरोपियों ने लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की और जान से मारने की धमकी देते हुए जबरदस्ती उसे कार में बिठा लिया।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों का मकसद
मौके पर मौजूद किसी राहगीर ने इस घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की ईवीआर टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस को देखकर आरोपी घबरा गए और भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने पीछा कर अमन और जयबीर को कार समेत पकड़ लिया और पीड़ित को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पूछताछ में जयबीर ने बताया कि पीड़ित उसका मित्र है। उसने बताया कि उसने साल 2024 में अपना एक ट्रक बेचा था, जिसमें उसे 6 लाख 50 हजार रुपये मिले थे, जिन्हें उसने अपनी कार में रखे थे। आरोपियों का कहना था कि उन्होंने कई बार पैसे वापस मांगने की कोशिश की, लेकिन जब पैसे नहीं मिले तो उन्होंने पीड़ित को डराने के लिए अपहरण की योजना बनाई। उनका मुख्य उद्देश्य केवल पैसे वसूलना था, लेकिन पुलिस की तत्परता से उनकी साजिश नाकाम हो गई।










