फरीदाबाद में शराब ठेकेदार से लूट का खुलासा, चार गिरफ्तार
फरीदाबाद में शराब ठेकेदार से 1.53 लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, इस लूट की योजना ठेकेदार के पूर्व कर्मचारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर बनाई थी। एक सरकारी एजेंसी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रिंस उर्फ राजा, रवि उर्फ रोहित उर्फ मोटा, अमित पाल और अंकित उर्फ लप्पा के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी दिल्ली (Delhi) और उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के निवासी हैं।
पुलिस ने लूट की रकम और हथियार भी किए बरामद
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपियों को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था। शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से चार दिन की पुलिस रिमांड मंजूर हुई है। पुलिस अब इनसे लूट की रकम, हथियार और घटना में इस्तेमाल हुए अन्य सामान की पूछताछ कर रही है। यह घटना 15 जुलाई की रात की है। NIT-2 निवासी चरण सिंह कन्हैया की डबुआ चौक पर शराब की दुकान है। रात को दुकान बंद करने के बाद वह पूरे दिन की बिक्री का करीब 1.53 लाख रुपये एक बैग में लेकर मोटरसाइकिल से अपने घर जा रहे थे। जैसे ही वह NIT-2 के E-ब्लॉक इलाके में पहुंचे, तीन युवकों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया।
आरोपियों ने देसी पिस्तौल दिखाकर लूटा, पुलिस कर रही जांच
आरोपियों ने देसी पिस्तौल दिखाकर ठेकेदार को डराया और नकदी से भरा बैग छीनकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। जांच के दौरान पता चला कि प्रिंस पहले शराब की दुकान पर काम करता था, जहां उसे मासिक वेतन करीब 8 हजार रुपये मिलता था। वेतन का कुछ हिस्सा नहीं मिलने के कारण उसने नौकरी छोड़ दी थी। नौकरी के दौरान उसे जानकारी थी कि ठेकेदार रोजाना शराब की बिक्री की रकम अपने साथ घर ले जाता है।
आगे की जांच में पुलिस ने पाया कि इसी जानकारी का फायदा उठाकर प्रिंस ने अपने जीजा अंकित के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई। बाद में रवि और अमित को भी इसमें शामिल कर लिया गया। आरोपियों ने घटना से पहले ठेकेदार की गतिविधियों की रेकी भी की थी। ACP क्राइम अमन यादव ने बताया कि आरोपियों ने वारदात में इस्तेमाल करने के लिए दिल्ली के सोनिया विहार (Sonia Vihar) इलाके से एक मोटरसाइकिल भी चोरी की थी। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों ने पहले भी ठेकेदार को लूटने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय वे सफल नहीं हो सके। पुलिस मामले की जांच जारी रखी है।











