पंजाब पुलिस के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी और संपत्तियों का खुलासा
पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को रिश्वतखोरी के आरोप में रंगे हाथों पकड़ने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। सीबीआई की टीम ने उनके कार्यालय में पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते समय उन्हें गिरफ्तार किया, और उनके घर की तलाशी में करोड़ों रुपये की संपत्तियों का पता चला है। इस तलाशी में लगभग पांच करोड़ रुपये नकद, सोने-हीरे के आभूषण, लग्जरी घड़ियां, विदेशी शराब, और कई महंगी गाड़ियां भी बरामद हुई हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि भुल्लर की कई संपत्तियां चंडीगढ़, मोहाली, लुधियाना और हिमाचल प्रदेश के सोलन में निवेश के रूप में मौजूद हैं।
रिश्वतखोरी का मामला और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
11 अक्टूबर को मंडी गोबिंदगढ़ के एक व्यापारी ने सीबीआई कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई कि डीआईजी भुल्लर ने उसके खिलाफ दर्ज एक पुराने मुकदमे (FIR नं. 155/2023, थाना सिरहिंद) को निपटाने के बदले आठ लाख रुपये की रिश्वत मांगी है। साथ ही, उन्होंने हर महीने पांच लाख रुपये की स्थायी रिश्वत की भी मांग की थी। जब व्यापारी ने रिश्वत देने से इनकार किया, तो भुल्लर ने उसे धमकाया कि वह झूठे केस में फंसा देंगे और उसके व्यवसाय को बंद करवा देंगे।
व्हाट्सएप कॉल और रिश्वत की डील का खुलासा
सीबीआई ने व्यापारी और भुल्लर के बीच हुई व्हाट्सएप कॉल को रिकॉर्ड किया, जिसमें डीआईजी अपने दलाल कृष्णु से कह रहे थे, “8 फड़ने ने 8, जिन्ना देना नाल नाल फड़ी चल… ओह्नूं कह दे 8 कर दे पूरा।” यह बातचीत रिश्वत की पुष्टि करने वाला महत्वपूर्ण सबूत बन गई। इसके बाद, सीबीआई ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रिश्वत की पहली किश्त के रूप में पांच लाख रुपये कृष्णु को सौंपने का निर्देश दिया। जैसे ही रकम दी गई, टीम ने मोहाली में भुल्लर के कार्यालय पर छापा मारा और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
संपत्तियों और नकदी का बड़ा खुलासा
सीबीआई की छापेमारी में मिली संपत्तियों और नकदी की मात्रा आश्चर्यचकित कर देने वाली है। तलाशी के दौरान लगभग पांच करोड़ रुपये नकद, 1.5 किलो सोने-हीरे के आभूषण, 22 लग्जरी घड़ियां, मर्सिडीज और ऑडी जैसी महंगी गाड़ियों की चाबियां, विदेशी शराब की 40 लीटर बोतलें, और कई हथियार भी बरामद हुए। इसके अलावा, कई संपत्तियों के दस्तावेज और लॉकर की चाबियां भी मिली हैं। कृष्णु के पास से भी 21 लाख रुपये नकद जब्त किए गए हैं। इन सबके आधार पर, सीबीआई ने दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर 17 अक्टूबर को अदालत में पेश करने की योजना बनाई है।
आरोप और आगे की जांच
सीबीआई ने दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर में स्पष्ट रूप से लिखा है कि भुल्लर ने अपने मध्यस्थ कृष्णु के माध्यम से आठ लाख रुपये की अवैध मांग की थी और मासिक रिश्वत की व्यवस्था भी बनाने का प्रयास किया था। कॉल रिकॉर्डिंग और जांच से यह भी साबित हुआ है कि रिश्वत की मांग की गई थी।
भुल्लर का पुराना विवाद और राजनीतिक भूमिका
हरचरण सिंह भुल्लर का नाम नया नहीं है। वह पूर्व DGP एम.एस. भुल्लर के पुत्र हैं और कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। उन्होंने 2021 में शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ ड्रग्स केस की जांच के लिए गठित SIT का नेतृत्व भी किया था। इसके अलावा, वह पंजाब सरकार के नशा विरोधी अभियान में भी सक्रिय थे।
जांच जारी, संपत्तियों का विस्तृत अध्ययन
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, अभी जांच पूरी नहीं हुई है। टीम ने भुल्लर के बैंक खातों, लॉकरों और उनकी पत्नी के नाम पर दर्ज संपत्तियों की जानकारी जुटाना शुरू कर दी है। अनुमान है कि बरामद नकदी की कुल राशि पांच करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। एक अधिकारी ने बताया कि उनके पास ऐसे दस्तावेज हैं जो दर्शाते हैं कि भुल्लर ने अपने पद का दुरुपयोग कर करोड़ों की संपत्तियां बनाई हैं। अब यह पता लगाया जाएगा कि किन-किन व्यापारियों से अवैध वसूली की गई है।











