नई सरकार कार्यालय की स्थापना और महत्व
देश की सत्ता का केंद्र अब ‘साउथ ब्लॉक’ से स्थानांतरित होकर ‘सेवा तीर्थ’ के नाम से जाने जाने वाले नए परिसर में स्थापित किया जा रहा है। यह परियोजना केंद्र सरकार के तीन प्रमुख विभागों को एक ही स्थान पर लाने के उद्देश्य से विकसित की गई है। इस नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का निर्माण पूरी तरह से पूरा हो चुका है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर यहां से अपने कार्यभार की शुरुआत करेंगे।
संपूर्ण प्रशासनिक एकीकरण और संरचनात्मक विशेषताएं
यह नया परिसर तीन मुख्य इमारतों का समागम है, जिनमें से प्रत्येक का विशिष्ट उद्देश्य है। ‘सेवा तीर्थ-1’ में प्रधानमंत्री कार्यालय स्थित है, जिसमें अत्याधुनिक कार्यस्थल और भव्य औपचारिक कक्ष बनाए गए हैं। ‘सेवा तीर्थ-2’ को पहले ही कैबिनेट सचिवालय को सौंपा जा चुका है, जबकि ‘सेवा तीर्थ-3’ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के कार्यालय के लिए आरक्षित है। इस समेकन का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और सुरक्षा सुनिश्चित करना है, जो सरकार की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगा।
सामाजिक और ऐतिहासिक पहलुओं का समावेश
प्रधानमंत्री कार्यालय के नए परिसर में स्थानांतरित होने के साथ ही ऐतिहासिक साउथ और नॉर्थ ब्लॉक को एक सार्वजनिक संग्रहालय ‘युगे युगीन भारत’ में परिवर्तित किया जाएगा। इस पहल के तहत इन ऐतिहासिक इमारतों को जनता के लिए खोलने और भारत की विकास यात्रा को प्रदर्शित करने का प्रयास किया जाएगा। इस योजना के तकनीकी विकास के लिए 19 दिसंबर 2024 को फ्रांस की म्यूजियम डेवलपमेंट एजेंसी के साथ समझौता किया गया है। यह कदम भारत की समृद्ध विरासत को संरक्षित करने और उसकी ऐतिहासिक महत्ता को उजागर करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।










