हरियाणा की लाडो लक्ष्मी योजना पर राजनीतिक आरोप
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अनुराग ढांडा ने हरियाणा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की लाडो लक्ष्मी योजना में लगभग 96 प्रतिशत महिलाओं को धोखा दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना वास्तव में ‘लुटो लक्ष्मी’ बन गई है, न कि महिलाओं के सशक्तिकरण का माध्यम। ढांडा का दावा है कि भाजपा ने वोट हासिल करने के लिए केवल प्रचार किया, असली में महिलाओं का सशक्तिकरण नहीं किया।
शर्तों के जाल में फंसी योजना का सच
ढांडा ने बताया कि भाजपा सरकार ने ऐसी कठोर शर्तें लागू की हैं कि अधिकांश गरीब महिलाएं इस योजना से बाहर हो गई हैं। इनमें शामिल हैं – परिवार की सालाना आय एक लाख रुपये से कम होना, महिला की उम्र 23 साल से ऊपर होना, पति का हरियाणा का निवासी होना और परिवार में कोई पेंशन न मिलना। इन शर्तों के कारण विधवाओं, नई बहुओं और गरीब परिवारों की महिलाएं इस योजना का लाभ नहीं ले पा रही हैं।
फोटो खिंचवाने का दिखावा, असली उद्देश्य नहीं
आम आदमी पार्टी के नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने ‘महिला सशक्तिकरण’ के नाम पर केवल फोटो खिंचवाने और प्रचार करने का ही कार्यक्रम बनाया है। ढांडा ने कहा, “मुख्यमंत्री के पास प्रचार का समय है, लेकिन गरीब महिलाओं की बात सुनने का कोई प्रयास नहीं। यह योजना लाडो लक्ष्मी नहीं, बल्कि लुटो लक्ष्मी है।”
महिलाओं का अपमान और धोखा
ढांडा ने कहा कि यह योजना महिलाओं के साथ अपमान का व्यवहार है। भाजपा ने महिलाओं को अधिकार नहीं, बल्कि उनके साथ धोखा किया है। गरीब बेटियों, कॉलेज की छात्राओं और विधवाओं को ठगा गया है। महिलाओं ने भरोसा किया, लेकिन बदले में उन्हें धोखा ही मिला।
आने वाले चुनाव में महिलाओं का जवाब
उन्होंने कहा कि अब हरियाणा की महिलाएं भाजपा के झूठे वादों में नहीं फंसेंगी। महिलाएं चुप नहीं रहेंगी, बल्कि हर वोट का हिसाब मांगेंगी। ढांडा ने यह भी कहा कि आगामी चुनाव में हरियाणा की जनता भाजपा को इस धोखे का करारा जवाब देगी।
दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का उद्देश्य और लाभ
हरियाणा सरकार ने इस साल 25 सितंबर को ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ शुरू की। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि राज्य की गरीब और निम्न आय वर्ग की महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने जीवन को बेहतर बना सकें।
योजना का लाभ और पात्रता शर्तें
इस योजना के तहत हर पात्र महिला को हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है, जो सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर होती है। इससे कोई भी मध्यस्थ इस रकम का दुरुपयोग नहीं कर सकता। यह लाभ उन महिलाओं को मिलता है जो 23 साल या उससे अधिक उम्र की हैं। यदि महिला अविवाहित है, तो उसे हरियाणा की निवासी होने का कम से कम 15 साल का प्रमाण देना जरूरी है।
विवाहित महिलाओं और परिवार की शर्तें
विवाहित महिलाओं के लिए भी यह योजना लागू है, बशर्ते उनके पति भी कम से कम 15 साल से हरियाणा में रह रहे हों। परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए। यह योजना खासतौर पर उन परिवारों के लिए है, जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। यदि एक ही परिवार में कई महिलाएं इन शर्तों को पूरा करती हैं, तो सभी को इस योजना का लाभ मिलेगा।











