फैज-ए-इलाही मस्जिद विवाद का विस्तृत इतिहास और वर्तमान स्थिति
दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास का विवाद अब व्यापक रूप ले चुका है। इस विवाद के पीछे अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया है, जिसे कोर्ट के आदेश पर लागू किया गया था। 22 दिसंबर को नगर निगम (MCD) ने इस अतिक्रमण को हटाने का फैसला लिया, और फिर 7 जनवरी 2026 की आधी रात से ही इस कार्रवाई को शुरू कर दिया गया।
मस्जिद की प्रबंधन समिति ने इस आदेश के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। कोर्ट ने दिल्ली नगर निगम, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), शहरी विकास मंत्रालय, L&DO और दिल्ली वक्फ बोर्ड को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में हलफनामा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को निर्धारित है।
हिंसा और पुलिस कार्रवाई का विवरण
जब 6-7 जनवरी की रात को नगर निगम की टीम 17 बुलडोजर के साथ अतिक्रमण हटाने पहुंची, तो इलाके में भारी तनाव फैल गया। इस दौरान भीड़ ने नारेबाजी के साथ पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने 30 पत्थरबाजों की पहचान की है, जिनमें से कई ने मास्क या तौलिए से अपना चेहरा ढका हुआ था।
इस हिंसक झड़प में कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें हेड कांस्टेबल जय सिंह, कांस्टेबल विक्रम, कांस्टेबल रवींद्र, कांस्टेबल संदीप और एक SHO शामिल हैं। कांस्टेबल विक्रम को सिर पर चोट लगी है। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने आंसू गैस के गोले दागे, जिनकी संख्या पहली बार दिल्ली में इतनी अधिक थी।
नेताओं की प्रतिक्रियाएँ और पुलिस की कार्रवाई
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यह पूरी जमीन वक्फ की है और इस पर नुकसान हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट ने सर्वे का आदेश दिया था, लेकिन वक्फ को इस मामले में पार्टी नहीं बनाया गया। उन्होंने दिल्ली वक्फ बोर्ड से सुप्रीम कोर्ट में जाने और स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
वहीं कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि मस्जिद सुरक्षित है और कोई नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस तरह के सामाजिक विवादों में बातचीत से समाधान निकालना बेहतर होता। केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने भी इस कार्रवाई को गंभीर चिंता का विषय बताया और इसे आपातकालीन त्रासदी की याद करार दिया।
पुलिस ने अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है और 50 से अधिक संदिग्धों की पहचान कर ली है। FIR दर्ज कर जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस की टीम सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, पोस्ट और भड़काऊ कंटेंट की भी जांच कर रही है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर पूरे इलाके में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।









