सुप्रीम कोर्ट ने हेयरकट विवाद में मुआवजे का फैसला बदला
नई दिल्ली के प्रतिष्ठित होटल ITC मौर्या के सैलून में हुई खराब हेयरकट की घटना ने कानूनी जंग का रूप ले लिया है। इस विवाद में नेशनल कंज्यूमर कमीशन (NCDRC) ने मॉडल आशना रॉय को 2 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने इस मुआवजे को अत्यधिक मानते हुए इसे घटाकर केवल 25 लाख रुपये कर दिया है।
2018 में हुई थी बाल कटवाने की घटना, कोर्ट में चली लंबी कानूनी लड़ाई
अप्रैल 2018 में आशना रॉय, जो एक प्रोफेशनल मॉडल हैं, आईटीसी मौर्या के सैलून गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टाइलिस्ट ने उनकी इच्छा के विरुद्ध बाल बहुत छोटे कर दिए। रॉय का कहना था कि बाल कटवाने के बाद उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा और उनके मॉडलिंग करियर को भी नुकसान पहुंचा। इस मामले में नेशनल कंज्यूमर कमीशन ने दो बार 2 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया, जिसे आईटीसी लिमिटेड ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला: मुआवजा निर्धारण में सटीकता जरूरी
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि कंज्यूमर विवादों में मुआवजे का निर्धारण मजबूत सबूतों पर आधारित होना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि आशना रॉय ने नुकसान का प्रमाण देने के लिए केवल दस्तावेजों की फोटोकॉपी प्रस्तुत की थी, जो पर्याप्त नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि केवल फोटोकॉपी के आधार पर 2 करोड़ रुपये का हर्जाना उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी माना कि ट्रॉमा के कारण महिला ने मूल दस्तावेज खो दिए होंगे, यह तर्क भी मान्य नहीं है। अंत में, कोर्ट ने कहा कि मुआवजा तभी दिया जाना चाहिए जब यह साबित हो कि सेवा में कमी के कारण वास्तविक आर्थिक नुकसान हुआ है।










