सुप्रीम कोर्ट में पीजी बिल्डिंग गिरने का मामला पहुंचा
दिल्ली के सत्य निकेतन क्षेत्र में एक पीजी (PG) इमारत के गिरने की घटना अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। इस मामले में एमिकस क्यूरी अजीत सिन्हा ने कोर्ट में एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल की है, जिसमें दिल्ली की सभी निजी हॉस्टल और पीजी आवासों की जांच की मांग की गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र में बार-बार होने वाले हादसे गंभीर चिंता का विषय हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट ने भी लगाई सख्त फटकार
इस हादसे के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने भी कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने MCD (Municipal Corporation of Delhi) और दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) को कठोर चेतावनी दी है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। कोर्ट ने केंद्र, दिल्ली सरकार, पुलिस और MCD से 10 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 25 सितंबर 2023 को निर्धारित की गई है।
रिपोर्ट में क्या है मुख्य सुझाव और जांच का दायरा
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल रिपोर्ट में प्रमुख सुझाव यह हैं कि दिल्ली के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के आसपास बने पीजी, निजी हॉस्टल और छात्रावासों का सुरक्षा ऑडिट किया जाए। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि सत्य निकेतन इलाके में ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, जैसे अप्रैल 2022 में एक इमारत का गिरना। इन बार-बार होने वाले हादसों ने सवाल खड़ा किया है कि नियमों का सही तरीके से पालन क्यों नहीं हो रहा है।
जांच में बिल्डिंग का प्लान, निर्माण की गुणवत्ता, बेसमेंट का उपयोग, ढांचे की मजबूती, आग से सुरक्षा इंतजाम और आपातकालीन निकास मार्गों की भी बारीकी से समीक्षा की जाएगी। यह कदम हादसों को रोकने और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं।









