दाऊद इब्राहिम के करीबी सलीम डोला की भारत वापसी
भारतीय खुफिया एजेंसियों ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए दाऊद इब्राहिम के नजदीकी सहयोगी और डी-कंपनी के प्रमुख सदस्य सलीम डोला को तुर्की (Turkey) के इस्तांबुल (Istanbul) से भारत वापस लाने में सफलता प्राप्त की है। इस ऑपरेशन को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। बुधवार की रात विशेष उड़ान के माध्यम से उसे भारत लाया गया, और जैसे ही वह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Indira Gandhi International Airport) पर पहुंचा, वहां मौजूद संयुक्त टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। उसके बाद, उसे एक गुप्त स्थान पर ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी गई।
सलीम डोला का आपराधिक इतिहास और तुर्की में गिरफ्तारी
सलीम डोला लंबे समय से भारतीय खुफिया एजेंसियों की नजर में था। वह कई संगीन मामलों में वांछित था, जिनमें जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी और आतंक वित्तपोषण जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। इसके अलावा, उसका नाम 1993 मुंबई बम धमाकों से जुड़े आरोपियों की मदद करने के मामलों में भी सामने आया था। इंटरपोल (Interpol) द्वारा रेड नोटिस जारी होने के बाद, तुर्की (Turkey) में उसकी गिरफ्तारी हुई। बताया जाता है कि वह इस्तांबुल के बेयलिकदुज़ु (Beylikduzu) इलाके में फर्जी नाम से रह रहा था। कई हफ्तों की निगरानी के बाद, संयुक्त एजेंसियों ने उसे पकड़ने में सफलता पाई। सूत्रों के अनुसार, यह गिरफ्तारी रियल टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग का परिणाम है, जिसमें पता चला कि डोला इस्तांबुल को ट्रांजिट हब के रूप में इस्तेमाल कर रहा था और हवाला तथा सोने की तस्करी के जरिए डी-कंपनी के नेटवर्क को पश्चिम एशिया और यूरोप में सक्रिय बनाए हुए था।
जांच और आगे की कार्रवाई
सलीम डोला को आवश्यक कूटनीतिक मंजूरियों के बाद भारत लाया गया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम की निगरानी में उसे दिल्ली लाया गया, जहां उसकी गहन पूछताछ शुरू हुई। माना जाता है कि वह डी-कंपनी का अनुभवी सदस्य है, जिसने 1990 के दशक में इस नेटवर्क में अपनी जगह बनाई। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह फाइनेंस और लॉजिस्टिक्स का जिम्मा संभालता था, और हवाला चैनलों के माध्यम से दुबई से मुंबई तक पैसों का लेन-देन करता था। इसके साथ ही, वह कराची (Karachi) और इस्तांबुल के जरिए सोने की तस्करी का भी संचालन करता था। उसकी पाकिस्तान (Pakistan) से भी संबंध बताए जाते हैं, और वह दाऊद इब्राहिम तथा उसके भाई अनीस इब्राहिम के संपर्क में रहा है। 2003 में वह भारत से फरार हो गया था, और 2019 में आखिरी बार यूएई (UAE) में देखा गया था। दुबई (Dubai) में कार्रवाई के बाद, उसने तुर्की को अपना ठिकाना बना लिया था। वर्तमान में, एनआईए, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) और मुंबई पुलिस की संयुक्त टीम उससे पूछताछ कर रही है।











