गणतंत्र दिवस पर दिल्ली का आसमान रहा हाई अलर्ट पर
77वें गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) की हवाई सुरक्षा को अत्यंत सतर्कता के साथ संभाला गया। भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम ने परेड से लेकर बीटिंग रिट्रीट तक हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी। सेना, नौसेना, दिल्ली पुलिस, एसपीजी (SPG) और एनएसजी (NSG) जैसी कई सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से राजधानी के आसमान को सुरक्षित बनाने का प्रयास किया गया।
सभी सुरक्षा एजेंसियों का संयुक्त प्रयास और हाईटेक निगरानी
वेस्टर्न एयर कमांड (Western Air Command) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि पूरे एयर डिफेंस नेटवर्क का नियंत्रण भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) ने संभाला। इस ऑपरेशन में केवल वायुसेना ही नहीं, बल्कि भारतीय सेना (Indian Army), भारतीय नौसेना (Indian Navy), दिल्ली पुलिस, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, एसपीजी और एनएसजी जैसी कई एजेंसियों ने मिलकर काम किया।
गणतंत्र दिवस की परेड, फ्लाईपास्ट, राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह और विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट के दौरान किसी भी तरह की हवाई चूक की संभावना को समाप्त कर दिया गया। दिल्ली इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सेंटर पूरी तरह से सतर्क रहा और हर संभावित खतरे पर नजर बनाए रखी।
सुरक्षा व्यवस्था में सामूहिक प्रयास और पेशेवर रवैया
वेस्टर्न एयर कमांड के अनुसार, इस सुरक्षा अभियान की योजना बहुत ही सूक्ष्मता से बनाई गई थी और उसका क्रियान्वयन पूरी सटीकता के साथ किया गया। “विजिलेंस में कोई भी समझौता नहीं किया गया। इस दौरान एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा (Air Marshal Jitendra Mishra), एयर कमांडर इन चीफ (AOC-in-C) ने एयर डिफेंस सेंटर के कर्मियों से मुलाकात की और उनके पेशेवर समर्पण और सेवाओं के लिए उन्हें सम्मानित किया।
अधिकारियों का कहना है कि सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय के कारण दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के आसमान में एक मजबूत और अभेद्य सुरक्षा घेरा स्थापित किया जा सका। यह पूरा ऑपरेशन इस बात का उदाहरण है कि राष्ट्रीय आयोजनों के दौरान पर्दे के पीछे कितनी सख्त और चौकस सुरक्षा व्यवस्था काम करती है।










