मध्यप्रदेश के विधायक राजेंद्र भारती को बैंक धोखाधड़ी में दोषी ठहराया गया
दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट ने मध्यप्रदेश के विधायक राजेंद्र भारती को सहकारी बैंक से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार दिया है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि आरोपी राजेंद्र भारती के खिलाफ आपराधिक साजिश का आरोप पूरी तरह से साबित हुआ है। इस निर्णय के अनुसार, उन्हें भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दोषी माना गया है।
भ्रष्टाचार का मामला और कोर्ट का निर्णय
कोर्ट ने बताया कि इस मामले में राजेंद्र भारती के साथ-साथ आरोपी प्रजापति, सावित्री देवी और कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने मिलकर एक आपराधिक साजिश रची थी। अदालत ने कहा कि इन सभी ने मिलकर बैंक को धोखा देने की योजना बनाई और उसे अंजाम भी दिया। इस साजिश का मुख्य उद्देश्य शिकायतकर्ता बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाना था।
फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी का खुलासा
फैसले में यह भी कहा गया कि आरोपियों ने तीन साल की फिक्स्ड डिपॉजिट अवधि के दौरान भी उच्च ब्याज दर पर पैसे निकालते रहे, जो कि तय अवधि खत्म होने के बाद भी जारी रहा। इससे बैंक को वित्तीय नुकसान हुआ। अदालत ने यह भी बताया कि इस धोखाधड़ी के लिए बैंक के महत्वपूर्ण दस्तावेजों में हेरफेर किया गया, जो एक गंभीर अपराध है। इन दस्तावेजों को फर्जी तरीके से तैयार किया गया, जो कि जालसाजी का हिस्सा था।
आरोपियों का मिलकर किया गया घोटाला
कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि राजेंद्र भारती और प्रजापति दोनों ही आपराधिक साजिश के दोषी हैं। दोनों ने योजनाबद्ध तरीके से इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया और बैंक को नुकसान पहुंचाया। यह फैसला इस बात का संकेत है कि जनप्रतिनिधियों पर भी गंभीर आरोप साबित हो सकते हैं। अभी इस मामले में सजा का अंतिम निर्णय बाकी है।









