उत्तर भारत में अभी भी ठंडक का प्रभाव बना हुआ है
महीने के अंत की ओर बढ़ते हुए भी उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप अभी तक शुरू नहीं हुआ है। लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण मौसम अभी भी ठंडा और सुखद बना हुआ है। दिल्ली-एनसीआर सहित अधिकांश उत्तर भारतीय क्षेत्रों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है। इसके साथ ही, ऊंचे पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है, जो मौसम की ठंडक को और बढ़ा रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में आज आंधी और बारिश की संभावना
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, सोमवार 30 मार्च 2026 को दिल्ली में दोपहर 2 बजे के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। अधिकांश इलाकों में 20 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। विभाग ने इस दिन के लिए दिल्ली में हल्की बारिश और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया है। अधिकतम तापमान लगभग 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
मौसम का बदलाव और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का दौर
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में अभी भी बर्फबारी जारी है। इन पर्वतीय क्षेत्रों में मार्च के अंतिम दिनों में भी ठंड और बर्फ की सफेद चादर बिछी हुई है, जिससे मौसम का तापमान ठंडा बना हुआ है। वहीं, मैदानी इलाकों में भी ठंडी हवाओं का प्रवाह जारी है, जिससे गर्मी का प्रभाव कम हो रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल मार्च में कई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं, जो उत्तर भारत को प्रभावित कर रहे हैं। ये सिस्टम पश्चिम एशिया (West Asia) से आकर बादल और ठंडक को बनाए रख रहे हैं, जिससे तापमान में वृद्धि नहीं हो रही है।









