विपक्षी सांसदों की चुनाव आयोग के पास जाने की कोशिश रुक गई
राहुल गांधी ने वीडियो संदेश में बताया कि तीन सौ से अधिक विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उन्हें रास्ते में ही रोक दिया गया। इस घटना के दौरान, एसआईआर विवाद, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और पुलिस की कार्रवाई के बीच विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, उनका विरोध जारी रहेगा।
आकाशवाणी भवन के पास विपक्षी नेताओं का प्रदर्शन और गिरफ्तारी
चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर बढ़ रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य सांसदों को आकाशवाणी भवन के पास रोक दिया गया। इसके बाद, कई विपक्षी नेता वहां धरने पर बैठ गए। यह स्थान उस समय करीब 100 मीटर की दूरी पर था, जब पुलिस ने यूथ कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ताओं से स्थान खाली करने को कहा। आदेश का उल्लंघन करने पर उन्हें हिरासत में लेने की चेतावनी दी गई। बाद में, कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस बस में ले जाया गया, जबकि CPI(M) के सांसद जॉन ब्रिट्टास और वी. शिवदासन समेत अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिया गया।
रांची में भी विपक्ष का प्रदर्शन और सरकार पर आरोप
दिल्ली के साथ ही झारखंड की राजधानी रांची में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। यूथ कांग्रेस के सदस्यों ने झंडे और बैनर लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय पहुंचकर बैरिकेडिंग तोड़ी और मुख्य गेट तक पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय के बोर्ड पर कालिख पोत दी और प्रवेश द्वार पर बीजेपी का पोस्टर लगा दिया। यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुमार गौरव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का कार्यालय बीजेपी की तरह काम कर रहा है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने भी इस प्रदर्शन में भाग लिया और कहा कि देश के लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हैं। कांग्रेस ने उनके इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है, और इंडिया ब्लॉक के नेता 8 अक्टूबर को भी मार्च करने की योजना बना रहे हैं।









