केजरीवाल का E20 पेट्रोल के खिलाफ बड़ा अभियान
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल के विरोध में अपनी मुहिम को तेज कर दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि वे 4 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के आवास तक मार्च करेंगे। इस प्रदर्शन के दौरान, वे केंद्र सरकार की E20 पॉलिसी के खिलाफ दो लाख से अधिक हस्ताक्षर वाली याचिका भी सौंपेंगे। केजरीवाल ने यह भी बताया कि वह अपने साथ 100 ऐसे समर्थकों को लेकर चलेंगे, जो लाठी-चार्ज से नहीं डरते। साथ ही, उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल का बायो भी बदल दिया है।
सामाजिक मीडिया के माध्यम से जनता से जुड़ाव और अभियान की पहल
इस विरोध को देशव्यापी जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से, अरविंद केजरीवाल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) का बायो भी बदल दिया है। उन्होंने अपने नए बायो में लिखा है, “आइए मिलकर E20 के खिलाफ आवाज उठाएं। नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और प्रधानमंत्री के नाम पेटिशन पर साइन करें।” केजरीवाल लगातार सोशल मीडिया के जरिए जनता से इस अभियान में भाग लेने, अपने वीडियो साझा करने और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की अपील कर रहे हैं।
केजरीवाल की मुख्य तीन मांगें और सरकार पर सवाल
टाउन हॉल में हजारों लोगों को संबोधित करते हुए, आप नेता ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं, जिन्हें जनता का व्यापक समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि वाहन चालकों और आम जनता को यह स्वतंत्रता मिलनी चाहिए कि वे पेट्रोल पंप पर शुद्ध पेट्रोल या E20 मिलावटी पेट्रोल में से किसी का भी चयन कर सकें। दूसरी मांग में उन्होंने कहा कि चूंकि E20 पेट्रोल में कम कैलोरी और माइलेज घटने का खतरा है, इसलिए इसकी कीमत शुद्ध पेट्रोल से कम तय की जानी चाहिए। तीसरी मांग में उन्होंने कहा कि महंगाई को देखते हुए, पेट्रोल की कीमत 84 रुपये प्रति लीटर से कम होनी चाहिए।
केजरीवाल ने केंद्र सरकार की E20 नीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि एथेनॉल मिलाने से गाड़ियों का माइलेज घटता है, जिससे आम जनता को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। साथ ही, पुराने वाहनों के इंजन को नुकसान पहुंचने का खतरा भी रहता है। इसके अलावा, एथेनॉल प्लांट के आसपास रहने वाले किसानों को पानी की किल्लत और जमीन की खराबी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत भारत को अगले पांच वर्षों में 100 अरब डॉलर का अमेरिकी सामान खरीदना है, जबकि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा एथेनॉल उत्पादक देश है। भारत अपने आयात को बढ़ाकर अमेरिकी एथेनॉल का उपयोग कर रहा है। केजरीवाल ने कहा कि यह हानिकारक E20 नीति हमारे देश के नागरिकों पर जबरन थोपी जा रही है, ताकि अमेरिका और ट्रंप को खुश किया जा सके।











