ब्रिक्स दिल्ली घोषणापत्र में भारत की प्रमुख प्राथमिकताएँ
ब्रिक्स (BRICS) के हालिया दिल्ली घोषणापत्र में भारत की मुख्य प्राथमिकताओं को विशेष स्थान मिला है। इस दस्तावेज में पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया गया है। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की सदस्यता, एकतरफा व्यापार बाधाओं का विरोध और डिजिटल तथा वित्तीय सहयोग को भी इस घोषणापत्र में प्रमुखता दी गई है।
यह दस्तावेज विश्व व्यवस्था में भारत की भूमिका और ब्रिक्स के भीतर उसकी प्रभावशीलता को रेखांकित करता है। उल्लेखनीय है कि इस घोषणापत्र को बिना किसी सदस्य देश के विरोध के पारित किया गया है। शनिवार को ब्रिक्स समूह ने आतंकवाद के किसी भी रूप के प्रति ‘ज़ीरो-टॉलरेंस’ का समर्थन किया और भारत की उस मांग का समर्थन किया जिसमें दोहरे मानकों को न अपनाने का आग्रह किया गया है। इस समूह के शीर्ष नेताओं ने मिलकर आतंकवाद से निपटने के लिए एक संयुक्त रणनीति बनाने पर सहमति व्यक्त की।
आतंकवाद और वैश्विक संघर्षों पर ब्रिक्स का रुख
अपने घोषणापत्र में समूह ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। इसमें कहा गया है कि आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों से निपटने के लिए प्रतिबद्धता दोहराई जाती है, जिसमें सीमा पार से आतंकवादियों का समर्थन, फंडिंग और सुरक्षित आश्रय शामिल हैं।
यह भी स्पष्ट किया गया है कि आतंकवाद को किसी धर्म, जाति या राष्ट्रीयता से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। आतंकवादी गतिविधियों में शामिल और उनका समर्थन करने वाले सभी व्यक्तियों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए।
विवादों का समाधान और क्षेत्रीय संघर्षों पर ध्यान
दिल्ली घोषणापत्र में मध्य पूर्व में चल रहे संघर्षों और रूस-यूक्रेन युद्ध के स्थगित होने की संभावना न होने के बीच शांति प्रयासों पर जोर दिया गया है। ब्रिक्स नेताओं ने संवाद और कूटनीति के माध्यम से विवादों को सुलझाने का संकल्प दोहराया है।
इसमें गाजा क्षेत्र में युद्धविराम बनाए रखने और मानवीय सहायता पहुंचाने की भी अपील की गई है। साथ ही, ‘दो-राज्य समाधान’ का समर्थन किया गया है, जो भारत का स्थायी रुख रहा है। इसके अलावा, फिलिस्तीन को संयुक्त राष्ट्र की पूर्ण सदस्यता देने का भी प्रस्ताव रखा गया है।











