प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नई इमारत में शिफ्ट होना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 13 फरवरी को अपने कार्यालय को नए स्थान ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरित कर रहे हैं। इस बदलाव के साथ ही देश का केंद्र शक्ति भी स्थानांतरित हो जाएगा। केंद्र सरकार शुक्रवार को साउथ ब्लॉक में होने वाली अंतिम कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी देने की उम्मीद है, जिनमें असम से संबंधित कई योजनाएं शामिल हैं। इस बैठक में, 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को स्वीकृति मिल सकती है।
ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनने वाली सुरंग का महत्व
इस बैठक का सबसे प्रमुख प्रस्ताव ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे लगभग 19 हजार करोड़ रुपये की सड़क-सह-रेल सुरंग का निर्माण है। यह ट्विन-ट्यूब सुरंग गोहपुर को नुमालीगढ़ से जोड़ने का काम करेगी, जिसमें एक ट्यूब सड़क यातायात के लिए और दूसरी रेल के लिए होगी। इस सुरंग के बन जाने से यात्रा का समय साढ़े छह घंटे से घटकर केवल 30 मिनट रह जाएगा। इसके साथ ही, सरकार प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की नई इमारत ‘सेवा तीर्थ’ के उद्घाटन के अवसर पर 100 रुपये का विशेष सिक्का भी जारी करेगी।
सिक्के का डिज़ाइन और पूर्वोत्तर के विकास का रोडमैप
प्रधानमंत्री कार्यालय की नई इमारत ‘सेवा तीर्थ’ के उद्घाटन पर 100 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया जाएगा। इस सिक्के के एक तरफ अशोक स्तंभ और सत्यमेव जयते का प्रतीक होगा, जबकि दूसरी तरफ सेवा तीर्थ बिल्डिंग की तस्वीर होगी। सिक्के पर ‘नागरिकदेवो भव’ और कमल के फूल की आकृति भी उकेरी जाएगी, और यह दोनों भाषाओं हिंदी और अंग्रेजी में होंगे।
इसके अलावा, असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनने वाली सड़क-रेल सुरंग का प्रोजेक्ट सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसकी डीपीआर पहले ही अंतर-मंत्रालयी समिति से मंजूरी प्राप्त कर चुकी है। यह परियोजना अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर जैसे राज्यों के बीच आवागमन को बेहतर बनाएगी, साथ ही रक्षा और आपदा प्रबंधन के लिहाज से भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। इस संरचना से पूर्वोत्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।










