मॉनसून की रफ्तार में तेजी, अगस्त के पहले हफ्ते में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस वर्ष मानसून की गति में तेजी देखने को मिल रही है, और अगस्त के पहले सप्ताह में यह और भी तेज हो सकती है। देश में बारिश की कमी अब घटकर केवल 14 प्रतिशत रह गई है, जो पिछले कुछ हफ्तों की तुलना में बेहतर स्थिति दर्शाता है। महाराष्ट्र के ऊपर बने गहरे दबाव का क्षेत्र इस सीजन का सबसे मजबूत मौसमी सिस्टम बन चुका है, जो अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से भारी मात्रा में नमी खींच रहा है।
भारी बारिश का अलर्ट और राज्यों में राहत कार्य
इस बीच गुजरात, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर जैसे राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। गुजरात में सेना को स्टैंडबाय पर रखा गया है, और अहमदाबाद में स्कूलों को बंद कर दिया गया है। वहीं दिल्ली, गुरुग्राम, अलवर, बुलंदशहर, लुधियाना और बिहार में जलभराव और कटाव की घटनाएं सामने आई हैं। जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश के कारण अमरनाथ यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। IMD की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में मानसून कमजोर होने के बजाय और मजबूत हो रहा है, खासकर मध्य भारत और उत्तर पश्चिमी भारत में सामान्य बारिश दर्ज हो रही है, जबकि दक्षिण प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर क्षेत्र में अभी भी कमी बनी हुई है।
मौसम की वर्तमान स्थिति और आगामी संभावनाएं
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में नए कम दबाव के क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे अगस्त की शुरुआत में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। यदि यह रुझान बना रहा, तो जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ेगा और खरीफ फसलों को लाभ मिलेगा। गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में पिछले हफ्ते भारी बारिश के कारण राहत की स्थिति देखी गई है। अधिकारियों ने 13 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, और स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। साथ ही, हर जिले में 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय हैं और राहत कार्य के लिए सेना, नौसेना और वायुसेना को भी तैयार रखा गया है। हिमाचल प्रदेश में भी मानसून सक्रिय है, और कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली में यमुना का जलस्तर बढ़ने से ओखला बैराज के गेट खोल दिए गए हैं, और बिहार के कटिहार में नदी के कटाव से ग्रामीण दहशत में हैं। जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश के कारण अमरनाथ यात्रा स्थगित कर दी गई है।










