दिल्ली में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण से निपटने की तैयारियां तेज
सर्दियों के मौसम के आगमन के साथ ही दिल्ली की वायु गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। इस बार दिल्ली नगर निगम (MCD) ने इस समस्या से निपटने के लिए पहले ही व्यापक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सड़क की सफाई, प्रदूषण हॉटस्पॉट की निगरानी और धूल नियंत्रण जैसे कई मोर्चों पर कार्यवाही की जा रही है। इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य है कि सर्दियों में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से पहले ही प्रभावी कदम उठाए जाएं।
सड़क सफाई और प्रदूषण नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान
MCD का मानना है कि केवल ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) लागू करना पर्याप्त नहीं है। इसलिए, सड़क की सफाई, गड्ढों की मरम्मत, धूल हटाने, पानी का छिड़काव, और एंटी-स्मॉग गन जैसे उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच, 4 लाख से अधिक पौधे भी लगाए गए हैं, जिनसे हरित क्षेत्र का विस्तार हो रहा है। दिल्ली की लगभग 6127 किलोमीटर सड़कों पर करीब 57 हजार सफाई मित्र नियमित रूप से manual sweeping कर रहे हैं। साथ ही, 2026 तक 1202 किलोमीटर सड़कें पुनः सर्फेसिंग और मजबूत बनाने का कार्य भी किया जाएगा।
धूल नियंत्रण और प्रदूषण हॉटस्पॉट पर विशेष ध्यान
धूल को नियंत्रित करने के लिए, MCD ने 18 मई 2026 से डीप क्लीन ड्राइव शुरू की है, जिसमें अब तक लगभग 2900 मीट्रिक टन सिल्ट हटा ली गई है। प्रमुख सड़कों पर 66 मशीनों से रोजाना करीब 180 टन धूल साफ की जा रही है। इसके अलावा, 70 नई मशीनें चरणबद्ध तरीके से लगाई जा रही हैं, जिनमें से 40 मशीनें किराये पर ली जाएंगी। धूल को फैलने से रोकने के लिए 167 वाटर स्प्रिंकलर और 28 मोबाइल एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन उपकरणों का उपयोग GRAP के विभिन्न चरणों के अनुसार बढ़ाया जाएगा। साथ ही, 46 प्रदूषण हॉटस्पॉट पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, जहां बायोमास जलाने, निर्माण गतिविधियों और अवैध कूड़ा डंपिंग जैसी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।










