कांग्रेस अध्यक्ष ने ‘AI इम्पैक्ट समिट’ की व्यवस्था पर कड़ी आलोचना की
मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट’ के आयोजन में हुई व्यवस्थागत खामियों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने सरकार को ‘पीआर का भूखा’ करार देते हुए कहा कि भारत की डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षमताओं को विश्व के सामने प्रस्तुत करने का यह महत्वपूर्ण अवसर पूरी तरह से अव्यवस्था का शिकार हो गया है।
समिट के पहले दिन हुई व्यवस्थागत समस्याएं और प्रदर्शकों की परेशानियां
खड़गे के अनुसार, समिट के उद्घाटन दिन प्रधानमंत्री के फोटो खिंचवाने के कार्यक्रम के कारण आयोजकों, प्रदर्शकों और आगंतुकों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि प्रदर्शकों को भोजन और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल सकीं, साथ ही उनके उत्पाद चोरी हो गए। कांग्रेस ने इस स्थिति को देश की प्रतिष्ठा के लिए शर्मनाक बताया है।
प्रदर्शकों को हुई परेशानियों और सरकार की लापरवाही
खड़गे ने आरोप लगाया कि इस समिट में भाग लेने वाले प्रदर्शकों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। वहां खाने-पीने की व्यवस्था के साथ-साथ लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैग ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया का दावा करने वाली सरकार के कार्यक्रम में यूपीआई के बजाय नकद भुगतान ही स्वीकार किया जा रहा है। साथ ही, प्रदर्शकों का सामान चोरी होने और डिजी यात्रा की असफलता की भी शिकायतें मिली हैं।










